तीन महीने से वीरान पड़े सरोवर नगरी नैनीताल के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की आवाजाही के साथ ही होटल, होम स्टे, नाव संचालकों के चेहरों पर रौनक लौटने लगी है। पर्यटन कारोबारियों को धीरे-धीरे कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है।
बता दें कि कोरोना कर्फ्यू के चलते नैनीताल, भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल, मुक्तेश्वर और रामगढ़ के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की आवाजाही बंद होने से पर्यटन कारोबार से जुड़े छोटे-बड़े कारोबारी बेरोजगार हो गए थे।
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साथ ही कारोबारियों को बैंक की किस्त, टैक्स, बिजली, पानी के बिल देने सहित घर का खर्चा चलाने में परेशानियां हो रही थीं। अब कोरोना का संक्रमण कम होने के साथ दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब सहित अन्य राज्यों के सैलानी पर्वतीय क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों में आने लगे हैं। इससे पर्यटन कारोबारियों को राहत मिलने लगी है।
हालांकि बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले लोगों को आरटीपीसीआर रिपोर्ट के अनिवार्य रूप से लाने के चलते सैलानियों की पूर्ण रूप से आवाजाही नहीं हो पा रही है। इससे परेशान कारोबारियों ने सरकार से सैलानियों को बिना आरटीपीसीआर रिपोर्ट के उत्तराखंड में आने की अनुमति देने की मांग की है।