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उत्तराखंड: पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने विभाग के भंडार में मारा छापा, सात घंटे चली कार्रवाई, सामने आई चौंकाने वाली बातें

Wed, 24 Jun 2020 11:00 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने पशु पालन विभाग के केंद्रीय भंडार गृह में छापा मारकर कई अनियमितताएं पकड़ी। करीब सात घंटे तक चली कार्रवाई और अभिलेखों की जांच के बाद सामने आया कि विभाग ने एक फर्म को बिना दवा उपलब्ध कराए ही उसका भुगतान कर दिया। उन्होंने कहा कि कई और अनियमितता भी मिली हैं। सभी अभिलेखों की जांच के बाद स्थिति साफ होगी। उन्होंने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई करने की बात कही। 
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- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को महिला सशक्तिकरण और पशुपालन मंत्री रेखा आर्य सुबह 9.45 बजे जिला पशुपालन विभाग के मायापुर स्थित केंद्रीय भंडार गृह पहुंचींं। अचानक से मंत्री के वहां पहुंचने से अधिकारियों में खलबली मच गई। पशुपालन मंत्री ने वहां पहुंचते ही अधिकारियों से दवा खरीद और और अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा। मंत्री की जांच में पता चला कि दवा के बिलों का भुगतान तो कर दिया गया, लेकिन दवा स्टोर तक पहुंची ही नहीं। कई दवाओं का वितरण ही नहीं किया गया था। बिल के अनुसार अन्य स्टाक भी नहीं मिले। उन्होंने स्टेशनरी खरीद के अभिलेखों की भी जांच की। 
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- फोटो : amar ujala
इसके बाद उन्होंने बहादराबाद के पशु अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल भंडार के सभी अभिलेख अपने साथ ले गईं। उन्होंने बताया कि इनका आपस में मिलान किया जाएगा। कार्रवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं मिली हैं। इनकी गहराई से जांच करवाई जाएगी। इसके बाद ही साफ हो सकेगा कि दवा खरीद में कितने का घोटाला हुआ है। 

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- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि हरिद्वार में तैनात रहे पशु चिकित्सक डॉ. सावन पंवार के समय में 2018 में बहादराबाद पोल्ट्री फार्म के 647 मुर्गे, मुर्गियों और 5000 अंडे बेचे। इससे मिले 2 लाख 14 हजार 100 रुपये सरकारी खजाने में जमा नहीं किए थे। विभाग ने 9 अगस्त 2018 से डॉक्टर सावन पंवार को उक्त धनराशि राजकीय कोष में जमा करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी डॉक्टर पंवार ने सरकारी खजाने में पैसा जमा नहीं किया। पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इस मामले की भी जांच की जा रही है। 
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- फोटो : अमर उजाला
पशुपालन विभाग में नियुक्ति कराने को पशुपालन मंत्री रेखा आर्य की ओर से कुछ युवाओं के लिए जारी हुए लेटर और उसके बदले पैसे लेने के आरोपों को उन्होंने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी बेरोजगार युवक उनके पास आता है तो इस प्रकार के लेटर लगातार लिखे जाते हैं। भविष्य में कोई भी योग्य बेरोजगार उनके विभाग से संबंधित आएगा, उनके लिए लेटर जारी किए जाएंगे, लेकिन किसी से कोई पैसा नहीं लिया जाता है। इस तरह के आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई है। जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीसी कर्नाटक ने बताया कि सभी अभिलेख उन्हें उपलब्ध कराए गए। विभाग में कोई घोटाला होगा तो सामने आएगा। सभी अभिलेख मंत्री अपने साथ ले गई हैं। 
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