मलारी हाईवे
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सुबह सात बजे जैसे-जैसे यहां वाहन पहुंचने लगे जाम तो जाम लगने लगा। सेना के जवानों ने वाहनों में बैठकर ही हाईवे खुलने का इंतजार किया। जबकि नीती, गमशाली, मेहरगांव, द्रोणागिरी, तपोवन, सुरांईथोटा आदि गांवों के भोटिया जनजाति के ग्रामीण करीब आधा किमी पैदल चलकर गंतव्य को पहुंचे।