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हुंकार रैली: देहरादून में सड़कों पर उतरे विभिन्न संगठनों के कर्मचारी, बैरिकेड लगाकर रोका तो धरने पर बैठे, तस्वीरें...

Tue, 05 Oct 2021 02:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून में हुंकार रैली - फोटो : अमर उजाला
18 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति की ओर से आज मंगलवार को राजधानी में हुंकार रैली निकाली गई। रैली में प्रदेशभर से समिति के सदस्य और विभिन्न संगठनों के सदस्य शामिल हुए।

सचिवालय कूच के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे कर्मचारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कर्मचारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।  कर्मचारियोंने सीएम से मिलने का समय मांगा है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें समय नहीं मिलेगा तब तक वे धरने से नही उठेंगे। वहीं, कर्मचारियों की पुलिस के साथ तीखी झड़प भी हुई। 

करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के पीआरओ राजेश सेठी से कर्मचारियों की वार्ता हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के दौरे के बाद वार्ता का आश्वासन दिया है। इसके बाद कर्मचारी धरने से उठे।

समिति के प्रवक्ता अरुण पांडेय और प्रताप सिंह पंवार ने बताया कि हुंकार रैली के लिए सभी कर्मचारी परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। यहां से तिब्बती बाजार, लैंसडौन चौक, कनक चौक होते हुए सचिवालय कूच किया।

पंवार ने बताया कि उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन, उत्तराखंड राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन, उत्तराखंड चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी महासंघ, उत्तराखंड राजकीय वाहन चालक महासंघ, वैयक्तिक अधिकारी कर्मचारी संघ, डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ, सिंचाई विभाग कर्मचारी महासंघ, निगम कर्मचारी महासंघ, रोडवेज संयुक्त कर्मचारी परिषद, फेडरेशन ड्राइंग इंजीनियर संघ सहित कई महासंघ उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के साथ आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं। 
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देहरादून में हुंकार रैली - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि जो 18 सूत्री मांगें हैं, वह ऐसी हैं जो कि कर्मचारियों को पहले मिल रही थीं, लेकिन बाद में खत्म कर दी गईं। पदोन्नति में शिथिलीकरण पर रोक लगाई गई है, जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं हटाया जा रहा है।
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देहरादून में हुंकार रैली - फोटो : अमर उजाला
परिषद की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कर्मचारियों को 10, 16, 26 वर्ष की सेवा पर एसीपी के तहत पदोन्नत वेतनमान को मंजूरी दी थी, लेकिन इसके बाद के सीएम ने चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद इसे वापस ले लिया।

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देहरादून में हुंकार रैली - फोटो : अमर उजाला
कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों के स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। निगम व निकाय कर्मचारियों को राज्य कर्मियों की भांति वेतन एवं भत्ते नहीं दिए जा रहे हैं। इस तरह की 18 मांगों को लेकर कर्मचारियों को यह हुंकार रैली करनी पड़ रही है। 
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देहरादून में हुंकार रैली - फोटो : अमर उजाला
सभी संगठनों ने कहा कि अब आहुति देने का समय आ गया है। जब तक समन्वय समिति, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता नहीं होती, शासनादेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी घोषणा की जा सकती है।
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देहरादून में हुंकार रैली - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि एक अक्तूबर को शासन के साथ हुई समन्वय समिति की वार्ता से सभी संगठनों को अवगत कराया जा चुका है। सभी मुद्दों पर आश्वासन और आगामी कैबिनेट बैठक में मामले रखने का दिलासा मिला हुआ है।
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