उत्तराखंड के जंगल में आग
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बता दें कि पहाड़ी क्षेत्रों के जंगलों में चीड़ के पेड़ों की बढ़ती संख्या के कारण बांज, मोरू, खरसू, बुरांश, काफल, अगिंयार, फनियाट के पेड़ों पर खतरा मंडरा रहा है। जानकारों का कहना है कि समय रहते चीड़ के विस्तार को नहीं रोका गया तो चौड़ी पत्ती वाले वनों की प्रजाति को काफी नुकसान हो सकता है। चीड़ के जंगलों में आग तेजी से फैलती है साथ ही यह पेड़ जमीन से पानी सोखते हैं जिस कारण जलस्रोत भी सूख जाते हैं।