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उत्तराखंड: सरयू नदी का तेज बहाव बना काल, नहाते समय बहे दो सगे भाई, एक बच्चे का शव बरामद, तस्वीरें...

Sun, 26 Sep 2021 09:35 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कपकोट/बागेश्वर
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नदी में नहाने गए बच्चे डूबे - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के कपकोट में रविवार को माता-पिता की गैरमौजूदगी में नदी में नहाने गए 10 और सात साल के दो सगे भाई नदी के तेज बहाव में बह गए। एक बच्चे का शव बरामद हो गया है, दूसरे की तलाश जारी है। हादसे के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है।

सुबह करीब 10 बजे नगर पंचायत क्षेत्र के भयूं में रहने वाले प्रकाश राम का पुत्र मोहित कुमार (10) और सुमित कुमार (7) सरयू नदी में नहाने गए थे। इस दौरान दोनों नदी के तेज बहाव में बह गए। लोगों के हादसे की सूचना पुलिस और प्रशासन को देने पर एसडीआरएफ, फायर और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों की तलाश शुरू की। करीब साढ़े 11 बजे मोहित का शव बरामद हो गया लेकिन सुमित का देर शाम तक कोई पता नहीं चल पाया। 

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मूल रूप से किलपारा निवासी प्रकाश राम कपकोट के भयूं हाइडिल गेट के समीप रहते हैं। उनके पिता गंगा राम कई साल पहले भयूं में बस गए थे। रविवार को प्रकाश राम की मां की तबीयत खराब हो गई थी। प्रकाश और उनके पिता गंगा राम उन्हें लेकर जिला अस्पताल गए थे जबकि प्रकाश की पत्नी घास लेने जंगल गई हुई थी। घर पर दोनों बच्चे अकेले थे। सूचना मिलने पर एसडीएम परितोष वर्मा, सीओ शिवराज सिंह राणा, थानाध्यक्ष मदन लाल भी मौके पर पहुंचे। सीओ राणा ने बताया कि नदी में बहे सुमित का शाम तक पता नहीं चला है। सर्च अभियान जारी है। 
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नदी में नहाने गए बच्चे डूबे - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे के समय मोहित और सुमित की मां आशा देवी घर के ही पास जंगल में घास काटने गई थी। बच्चों के बहने की सूचना पर वह बदहवास स्थित में नदी के पास पहुंची और नदी में कूदने का प्रयास करने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे किसी तरह पकड़कर घर पहुंचाया। 
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नदी में नहाने गए बच्चे डूबे - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार नदी में नहाने जाने से पहले दोनों बच्चे घर के ही पास सड़क पर लगे हैंडपंप में नहा रहे थे। सीओ शिवराज सिंह राणा ने बताया कि प्रकाश राम का घर भयूं में सड़क के ही पास है। दोनों बच्चे सुबह हैंडपंप पर नहाते हुए देखे गए। उसके बाद दोनों नदी में नहाने चल दिए।  

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नदी में नहाने गए बच्चे डूबे - फोटो : अमर उजाला
बागेश्वर जिले में हर साल नदी में डूबने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस बरसात में अब तक सात घटनाओं में पांच लोगों की नदी में बहने से मौत हो चुकी है। इनमें दो महिलाओं के साथ ही रविवार को डूबे एक बच्चे का पता नहीं चल पाया है। बीते दो जुलाई को पगना निवासी दान सिंह (62) पुत्र खुशाल सिंह सरयू में बह गए थे। स्थानीय लोगों ने उनके शव को नदी से निकाल लिया था। 14 जुलाई को कपकोट के मुनार निवासी रमुली देवी (65) घास काटने गई थी। वापसी में वह नदी में बह गई थी। उनका शव नदी से बरामद हो गया था। जबकि 19 जुलाई को आरे निवासी गोपुली देवी (78) पत्नी त्रिलोक सिंह सरयू में बही थी। पुलिस के अनुसार गोपुली देवी ने नदी में छलांग लगाई थी।
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नदी में नहाने गए बच्चे डूबे - फोटो : अमर उजाला
23 जुलाई को द्यांगण निवासी गंगा देवी (50) पुत्री मोहन सिंह कठायत गोमती नदी में नहाने गई थी। जिसके बाद वह घर नहीं लौटी। पुलिस ने एक महिला को गोमती नदी में बहते हुए देखा था। उसका भी कोई पता नहीं चला।  24 जुलाई को कपकोट के धौलानी निवासी आनंद राम की पुत्री गरिमा (15) घास काटने जंगल गई थी। वापसी में बेलंग गधेरे में चीड़ के लट्ठों से बनाई गई अस्थायी पुलिया पार करते गधेरे में गिर गई थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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नदी में नहाने गए बच्चे डूबे - फोटो : अमर उजाला
20 सितंबर को तुपेड़ निवासी नीमा देवी (35) पत्नी नवीन सिंह का शव जिला मुख्यालय के बिलौना के पास नदी में उतराता हुआ मिला था। पिछले साल पीएसी का प्लाटून कमांडर जिला मुख्यालय से लापता हो गया था। उनके चप्पल सूरजकुंड के पास नदी किनारे मिले थे। उनके भी नदी में बहने की आशंका जताई गई थी। पुलिस में तैनात एक सिपाही भी पिछले साल लापता हुआ था। नदी में बहने की आशंका के चलते उसकी भी नदी में खोजबीन की थी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। 
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