राज्य कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने समेत तीन सूत्री मांग को लेकर प्रदेशभर की भोजन माताओं ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास कूच कर प्रदर्शन किया। भोजन माताओं ने कहा कि साल शिक्षा मंत्री ने उन्हें पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की घोषणा की थी। लेकिन, सरकार उनके साथ वादाखिलाफी कर रही है। जिससे गुस्साई भोजन माताओं ने सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
रविवार को प्रगतिशील भोजन माता संगठन के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में भोजन माताएं परेड ग्राउंड में एकत्र हुईं। जहां से एक सभा का आयोजन करने के बाद अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीएम आवास कूच करने के लिए निकलीं। लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
संगठन की महामंत्री रजनी जोशी ने कहा कि काफी लंबे संघर्ष के बाद शिक्षा मंत्री ने बीते जुलाई माह में भोजन माताओं का मानदेय पांच हजार रुपये करने एवं किसी भी भोजन माता को विद्यालय से नहीं निकालने की घोषणा की थी। लेकिन, लंबे समय के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया और इतने लंबे समय से काम कर रही भोजन माताओं को अध्यापक भी लगातार विद्यालय से निकाल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मिड डे मील योजना को गैर सरकारी संस्थानों को दिए जाने का भी विरोध किया है।