ओएलएक्स पर बीते कुछ दिनों से सेना का अधिकारी या सिपाही बनकर ठगी का चलन बढ़ा है। अक्सर किसी के विज्ञापन को देखकर साइबर ठग खुद को सैन्यकर्मी बताते हैं। इसके लिए वे अपना आईकार्ड आदि भी दिखाते हैं।
इसके बाद खुद को कहीं बाहर पोस्टेड होने की बात कहते हुए सौदा पक्का करते हैं। ठग यहां पर विज्ञापन अपलोड करने वाले को पैसे भेजने के लिए एक लिंक भेजते हैं, लेकिन यह लिंक पैसे देने का नहीं बल्कि पाने के लिए होता है। इसी तरह वे मनचाहा धन व्यक्ति के खाते से धन निकाल लेते हैं।
एक साल में 200 से अधिक मामले
राजधानी देहरादून में इस तरह के हर साल लगभग 200 से अधिक मामले आते हैं। इनमें साइबर सेल और साइबर थाना पुलिस कुछ मामलों में तो लोगों के पैसे वापस करा देते हैं, लेकिन कई मामलों में मुकदमा दर्ज किया जाता है। बीते साल ओएलएक्स से ठगी के विभिन्न थानों 10 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
- जिस फोन नंबर से आपका बैंक अकाउंट जुड़ा हो, उस पर आए किसी मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें।
- पैसों के लेनदेन के लिए आए मैसेज को ध्यान से पढ़ें क्योंकि उसमें अंग्रेजी मेें पैसे डेबिट होने की बात होती है।
- अगर आप ओएलएक्स पर किसी सामान का विज्ञापन देते हैं तो अपने नंबर को हाइड रखें।
- अगर कोई बात करनी है तो व्हाट्सएप पर चैट करने के बजाय कोशिश करें कि ओएलएक्स एप पर ही चैट हो।
- अगर फोन बैंकिंग नंबर दें तो जरूर ध्यान रखें कि पैसे मंगाते समय रिक्वेस्ट मनी मैसेज की जरूरत ही नहीं होती है।