वहीं पुलिस सूत्रों का दावा है कि तीनों आरोपियों ने गुरलाल पहलवान की हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली है। उल्लेखनीय है कि घटना वाले दिन 18 फरवरी को ही राजस्थान की अजमेर जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डालकर गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी।
साथ ही पोस्ट में लिखा गया था कि गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए पहलवान को मारा गया है। इस पोस्ट में लारेंस बिश्नोई ने गोल्डी बराड़ का जिक्र किया गया था, जोकि गुरलाल बराड़ का चचेरा भाई है और इन दिनों कनाडा में रह रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्या की साजिश कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ व राजस्थान जेल में बंद गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई ने रची और इसे अंजाम तक पहुंचाने में गुरलाल बराड़ के बहनोई गुरिंद्र पाल गोरा ने अहम भूमिका निभाई। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिरकार गुरलाल सिंह पहलवान पर गोलियां किसने चलाई हैं। पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड की साजिश में कई लोग शामिल है और पूरा मामला साफ होने के बाद ही फरीदकोट पुलिस अधिकारिक रूप से जानकारी देगी।