उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-तिब्बत (चीन) सीमा से लगे सुमना-2 में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कैंप के समीप हुए हिमस्खलन से बीआरओ के 10 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 7 मजदूर घायल हुए हैं। अभी भी 8 मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए जोशीमठ में सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि 384 मजदूर सुरक्षित हैं।
पिछले तीन दिनों से नीती घाटी में लगातार बर्फबारी हो रही थी, जिससे घाटी में कई फीट बर्फ जम गई है। जोशीमठ से 94 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सुमना-2 क्षेत्र में बीआरओ की ओर से सड़क निर्माण और डामरीकरण कार्य चल रहा था। जिसके लिए 409 मजदूर यहां कैंप किए हुए थे।
शुक्रवार शाम को बर्फबारी के बीच अचानक यहां मजदूरों के टिन शेड पर ऊपर से हिमस्खलन हो गया, जिसके बाद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। रात आठ बजे से सेना के जवानों ने राहत बचाव कार्य कर मजदूरों को अपने कैंप में शरण दी। बीआरओ के अधिकारियों की टीम भी शुक्रवार को देर शाम ही घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
जोशीमठ-मलारी हाईवे पर मलारी से आगे भारी मात्रा में बर्फ जमी हुई है। सेना के ब्रिगेडियर कृशानु शाह ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद बताया कि सुमना-2 क्षेत्र में दो बार हिमस्खलन हुआ।