उत्तराखंड में कई दिनों से हो रही बर्फबारी चमोली जिले में आफत बनकर टूटी। यहां भारत चीन सीमा पर सुमना के पास ग्लेशियर टूट गया। शुक्रवार को सूचना मिलने के बाद रात से ही सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी के जवान और जिला प्रशासन राहत-बचाव कार्य में लगा हुआ है। शुक्रवार को चमोली जनपद से लगे भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र सुमना में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कैंप के समीप ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया।
ग्लेशियर टूटने की घटना का गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत संज्ञान लिया और मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने शनिवार की सुबह आपदा ग्रस्त क्षेत्र का हवाई निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री की सेना के अधिकारियों के साथ बैठक की।
सेना के अधिकारियों से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार रात से ही सेना राहत बचाव कार्य में लगी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी के जवान और जिला प्रशासन की टीम भी जुटी हुई है। अब तक 391 लोगों वहां बचाया गया है। छह शव बरामद किए गए हैं और चार लोग घायल हैं।
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सुमना के पास ग्लेशियर टूटा
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सुमना में बीआरओ के मजदूर सड़क निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। पिछले तीन दिनों से नीती घाटी में अत्यधिक बर्फबारी हो रही थी।
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सुमना के पास ग्लेशियर टूटा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. कालाचांद सांई का कहना है कि पिछले तीन दिनों से हो रही बर्फबारी से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बर्फ जमा हो गई है।
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सुमना के पास ग्लेशियर टूटा
- फोटो : अमर उजाला
स्नो एवलांच की पूरी संभावना है। एवलांच की सबसे अधिक संभावना उन पहाड़ियों पर अधिक होती हैं जिनका ढलान बहुत अधिक होता है।
सीएम तीरथ सिंह रावत ने घटना का संज्ञान लेकर एनटीपीसी और अन्य परियोजनाओं में रात में काम करने पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।