हरिद्वार पहुंचीं वंदना कटारिया
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उन्होंने कहा कि सेमीफाइनल में मेडल के बहुत ज्यादा करीब थे, लेकिन मैच हारने का जीवनभर मलाल रहेगा। उन्होंने कहा कि पापा ने हमेशा बस यही कहा कि बेटा ओलंपिक से पदक लेकर आना। जापान से लौटते समय यही सोच रही थी कि जब घर जाऊंगी तो उस जगह को कैसी देखूंगी। जहां पापा सोते और रहते थे। वंदना ने कहा पापा का यह सपना एक दिन जरूर पूरा करूंगी।