प्रतिष्ठा दिवस के दिन 15 जून को कैंची मेले में मालपुए का प्रसाद बांटा जाता है। मालपुए बनाने का काम 12 जून से शुरू हो गया। शुद्ध देशी घी से बने मालपुए बनाने के यहां अलग नियम हैं। और यह नियम किसी तप से कम नहीं है।
विज्ञापन
2 of 6
pm modi and mark zuckerberg's baba neem karoli
प्रसाद बनाने में वही श्रद्धालु भाग ले सकता है जो व्रत लेकर आए और धोती, कुर्ता धारण कर उस अवधि में लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहा हो।
विज्ञापन
3 of 6
pm modi and mark zuckerberg's baba neem karoli
सोमवार सुबह से तीन दिन तक लगातार प्रसाद बनाने का काम चालू रहेगा। प्रसाद के रूप में मालपुए बांटने की इच्छा बाबा नीम करौली महाराज की ही थी। प्रसाद की शुद्धता को देखते हुए वही श्रद्धालु प्रसाद बनाने में भागीदारी करते हैं जो कि इस दौरान उपवास पर रहते हैं।
4 of 6
neem karoli baba
सोमवार से बारी-बारी से श्रद्धालु प्रसाद बनाने में अपनी भागीदारी करेंगे। मालपुए बनाने के बाद उन्हें पेटियों और डालियों में रख दिया जाता है। 15 जून को बाबा को भोग लगाने के बाद ही इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। कैंची मंदिर के प्रसाद की महत्ता इतनी है कि इसे पाने के लिए लोग दूर-दूर से यहां मंदिर में पहुंचते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
pm modi and mark zuckerberg's baba neem karoli
जो लोग यहां नहीं पहुंच पाते वह अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के माध्यम से प्रसाद मंगाते हैं। मालपुए का प्रसाद लाखों श्रद्धालुओं के लिए बनाया जाएगा। ट्रस्ट के प्रबंधक विनोद जोशी ने बताया कि प्रसाद बांटने के लिए लाखों की संख्या में कागज की थैलियां मंगाई गई हैं।
कैंची धाम मेले की तैयरियां जोरों पर चल रही हैं। मंदिर ट्रस्ट जहां एक ओर श्रद्धालुओं के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं में जुटा है वहीं पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में लगा हुआ है। कैंची धाम में 15 जून को आयोजित होने वाले मेले में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा।