वीरांगना तीलू रौतेली की आज आठ अगस्त को जयंती है। इस मौके पर सरकार की ओर से 22 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार से नवाजा जा रहा है। इसी बहाने अमर उजाला पहुंचा वीरांगना के पैतृक गांव गुराड़ तल्ला। यह ऐतिहासिक गांव पौड़ी जिले के चौंदकोट परगना के अंतर्गत आता है। गांव में आज भी उनका पैतृक मकान मौजूद है। यह मकान 17वीं शताब्दी में बना बताया जाता है। भवन का सामने का हिस्सा ठीक हाल में है, जबकि पिछला हिस्सा खंडहर बन गया है। प्रदेश सरकार ने गांव में वीरांगना तीलू रौतेली की प्रतिमा तो स्थापित की है, लेकिन उनके पैतृक भवन की आज तक किसी ने सुध नहीं ली है। इस ऐतिहासिक भवन को संरक्षण की दरकार है। गुराड़ के प्रधान किरण सिंह रावत ने बताया कि तीलू रौतेली के वंशज कुछ वर्षों पूर्व तक यहां रहा करते थे, लेकिन अब यह भवन वीरान होने से खंडहर बन रहा है। मकान के पीछे का हिस्सा जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो गया है।