फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अद्भुत शिवलिंग जिस पर गाय ने चुपके से चढ़ाया अपना दूध

Fri, 05 Aug 2016 08:13 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 6
mallikarjun temple askot
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में ऐसा शिवलिंग मौजूद है, जिस पर दुधारू गाय अपना दूध खुद चढ़ाती थी। भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिगों में से एक इस शिवलिंग को श्री मल्लिकार्जुन के नाम से जाना जाता है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
mallikarjun temple askot
ज्योतिर्लिगों में मल्लिकार्जुन का स्थान दूसरा है। मल्लिका मां पार्वती और अर्जुन यानी शिव हैं। अस्कोट की अगंलेख की पहाड़ी पर स्थित श्री मल्लिकार्जुन महादेव मंदिर उसी का एक अंश है।
विज्ञापन

3 of 6
mallikarjun temple askot
यह धार्मिक स्थल भारत के सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल के लोगों का भी आस्था का केंद्र है। अस्कोट बाजार से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित अगंलेख की पहाड़ी के शीर्ष पर निर्मित इस मंदिर की स्थापना के पीछे एक रोचक कथा से जुड़ी है।

4 of 6
mallikarjun temple askot
मान्यता है कि 19वीं शताब्दी के मध्य में चमलेख की गायें इस पहाड़ी पर चरने जाया करती थीं। उनमें से एक दुधारू गाय रोज चुपके से एक जगह पर जाकर अपना दूध स्वयं चढ़ाया करती थी। ग्वाले की नजर एक दिन इस पर पड़ी तो वह आश्चर्यचकित रह गया।
विज्ञापन

5 of 6
mallikarjun temple askot
उसने देखा कि वहां एक स्वयं प्रस्फुटित शिवलिंग था। जिस पर गाय दूध चढ़ा रही थी। ग्वाले के माध्यम से इस आश्चर्यजनक घटना की खबर के बाद लोग यहां पूजा करने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
mallikarjun temple askot
स्‍थानीय लोगों का मानना है कि इस शिव‌लिंग के अभिषेक और दर्शन से सभी दुख दूर हो जाते हैं। मलिल्कार्जुन की पूजा से संतान प्राप्ति का वरदान मिलता है। अस्कोट रियासत के तत्कालीन राज परिवार द्वारा इस घटना के बाद नेपाल शिखर नामक पहाड़ी पर इस मंदिर का निर्माण कराया गया। त‌ब से यह मंदिर भारत और नेपाल के लोगों की आस्‍था का केंद्र बन गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें