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यात्रा शुरू होने से पहले देखिए केदारनाथ धाम मार्ग की ये तस्वीरें, कैसे बर्फ के 'पहाड़' काटकर रास्ता बना रहे मजदूर

Tue, 07 Apr 2020 08:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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उत्तराखंड में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से छानी कैंप तक बर्फ हटाने का कार्य कर रही वुड स्टोन कंपनी की 32 सदस्यीय टीम केदारनाथ पहुंच गई है। अब, मजदूर रुद्रा प्वाइंट से नीचे की तरफ बर्फ सफाई का काम करेंगे। यहां छह से आठ फीट तक बर्फ जमा है। 
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दल कपाटोद्घाटन तक धाम में अपने कैंप की मरम्मत करने के साथ ही अन्य कार्यस्थलों से भी बर्फ को साफ करेगा। साथ ही धाम में अन्य जरूरी सुविधाएं भी जुटाएगा। बीते एक माह पूर्व वुड स्टोन कंपनी द्वारा पैदल मार्ग पर भीमबली से जमा बर्फ की सफाई का कार्य शुरू किया गया था। 
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लगभग एक माह में कार्यदायी संस्था के 95 मजदूरों द्वारा आए दिन खराब मौसम के बावजूद दो दिन पूर्व छानी कैंप तक रास्ते पर जमा पांच से आठ फीट तक बर्फ को साफ कर आवाजाही के लिए रास्ता तैयार किया जा चुका है। 

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इस दूरी के बीच पांच स्थानों पर विशालयकाय हिमखंड भी पसरे हुए थे, जिन्हें काटकर रास्ता बनाया गया है। बीते सोमवार शाम को कार्यदायी संस्था की टीम के 32 सदस्य केदारनाथ पहुंच गए हैं। यह दल अब रुद्रा प्वाइंट से नीचे की तरफ छानी कैंप तक बर्फ सफाई का कार्य करेंगे।  
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इसके अलावा दल केदारपुरी में अपने कैंप की मरम्मत करने के साथ ही अन्य पुनर्निर्माण कार्य स्थलों की बर्फ की सफाई भी करेगा। साथ ही रुद्रा प्वाइंट से बाबा केदार के मंदिर तक रास्ते को आवाजाही के लिए तैयार किया जाएगा। यहां अब भी आठ फीट से अधिक बर्फ मौजूद है। कार्यदायी संस्था के टीम प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि 20 अप्रैल तक मंदिर तक आवाजाही सुचारु करने का लक्ष्य रखा गया है। आए दिन दोपहर बाद खराब हो रहे मौसम के कारण कार्य में दिक्कत आ रही है।
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आगामी 29 अप्रैल से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा की तैयारियां कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन के चलते शुरू नहीं हो पाई हैं, लेकिन बर्फ से प्रभावित रास्ते को आवाजाही के लिए यथासमय पर खोल दिया जाएगा। 25 अप्रैल तक धाम में जरूरी सामग्री पहुंचा दी जाएगी। मंदिर के कपाट पूर्व परंपराओं के अनुसार ही खुलेंगे, लेकिन यात्रा का संचालन शासन के निर्देशों के तहत किया जाएगा।
-मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
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