मंगलवार को पौड़ी से सेना के वाहन के माध्यम से शहीद अमित अण्थवाल का पार्थिव शरीर कोला गांव पहुंचा। शरीर के पहुंचे ही ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारें लगाने शुरु कर दिए। शहीद अमित के सबसे पहले अंतिम दर्शन पिता नागेंद्र प्रसाद, मां भगवती देवी, बहनों व परिजनों ने किया। अमित दो बहनों के इकलौते भाई थे।