इस बार जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी। जन्माष्टमी दो और तीन सितंबर को होगी। लेकिन किस दिन व्रत रखना शुभ होगा यहां जानिए... पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि दो सितंबर को आधी रात तक अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र रहेगा। इसलिए दो सितंबर को व्रत लेना शास्त्र सम्मत माना जाएगा। दो सितंबर को अष्टमी तिथि को रात आठ बजकर 45 मिनट से आरंभ होकर तीन सिंतबर को शाम सात बजकर 20 मिनट तक रहेगी। उन्होंने बताया कि दो सितंबर को अद्र्धरात्रि में अष्टमी के साथ रोहिणी नक्षत्र होने से जयंती योग बन रहा है। रात्रि में पूजन का समय दो सितंबर की रात्रि 11:58 से 12:43 तक होगा। इस दिन जप अनुष्ठान किए जाने पर सिद्ध हो जाते हैं।