satpal maharaj
पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने अपनी निजी राय में इस फिल्म को करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं के खिलाफ बताया है। उन्होंने साफ कहा है कि केदारनाथ कोई हनीमून डेस्टिनेशन नहीं है, बल्कि योग की धरती है, ध्यान की धरती है, जबकि केदारनाथ फिल्म की स्क्रिप्ट में ‘लव जेहाद’ है। सेंसर बोर्ड से पास होने के बावजूद केदारनाथ फिल्म का उत्तराखंड में विरोध हो रहा है। राज्य सरकार की कमेटी ने इस फिल्म को देखा है। जिलाधिकारियों को कानून व्यवस्था के लिहाज से निर्णय लेने की छूट दी गई है। प्रदेश के सात जिलों में कानून व्यवस्था को आधार बनाकर इस फिल्म के प्रदर्शन पर पाबंदी लगा दी गई है।