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Nagrasu Gurdwara Clash: क्यों बढ़ा नगरासू गुरुद्वारा विवाद? क्या है पूरा मामला, जानिए अब तक क्या-क्या हुआ

Mon, 22 Jun 2026 09:46 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला नेटवर्क, उत्तराखंड

सार

Rudraprayag Nagrasu Gurudwara Tension:  शनिवार शाम को कुछ निहंग सिख गुरुद्वारे में पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने सेवादार को भी बंधक बनाया था। जिसके बाद से वे गुरुद्वारे की छत पर डेरा जमाए हैं।
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नगरासू गुरुद्वार में बवाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में तीन दिन से गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर निहंग डटे थे।  सात निहंगों में से तीन नीचे उतर आए हैं। इनमें से दो को पुलिस प्रशासन ने उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया, जबकि चार निहंग अब भी छत पर मौजूद हैं। आखिर विवाद शुरू कहां से हुआ और अब तक क्या क्या हुआ जानते हैं...

कर्णप्रयाग से शुरू हुआ मामला
गत 16 जून को कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसमें आरोप था कि एक निहंग सिख ने दूसरे पक्ष के व्यक्ति पर तलवार से वार कर दिया। ऐसे में कर्णप्रयाग कोतवाली में सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ जान से मारने की नियत से हमला करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर चार को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सिख समुदाय ने आरोप लगाए कि सिखों ने यह वार अपनी रक्षा में किया था।

कर्णप्रयाग निहंग विवाद: दोनों प्राथमिकी की विवेचना हरिद्वार ट्रांसफर, पुलिस के व्यवहार की जांच डीआईजी करेंगे

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गुरुद्वारे की छत पर निहंग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

ऐसे बढ़ा रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे में विवाद
नगरासू गुरुद्वारे में विवाद की शुरुआत गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच हुए मतभेद से हुई। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने पर मामला बढ़ गया। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अनुसार उनकी मांगें नहीं माने जाने पर निहंग तीसरी और चौथी मंजिल पर चले गए और अंदर से खुद को बंद कर लिया। जहां सेवादार व निहंग विवाद को कर्णप्रयाग में हुई घटना से जुड़ा बता रहे हैं और निहंग अपने साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि विवाद का कर्णप्रयाग की घटना से कोई संबंध नहीं है। एसपी निहारिका तोमर ने बताया जब मामला बढ़ा तो गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी ने पुलिस को सूचना दी। तब तक निहंग ऊपरी मंजिलों पर जा चुके थे। शनिवार से पुलिस लगातार वार्ता कर उन्हें नीचे आने के लिए समझा रही है लेकिन चार निहंग अब भी वहां डटे हुए हैं।

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गुरुद्वारे में तैनात पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्थानीय लोगों से नहीं, गुरुद्वारा प्रबंधन से है विवाद
नगरासू गुरुद्वारे में चल रहे गतिरोध का स्थानीय लोगों से कोई सीधा संबंध नहीं है। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार विवाद गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच का है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात कुछ बाहरी लोग गुरुद्वारे के आसपास पहुंच रहे हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। ऐसे लोगों पर भी नजर रखनी चाहिए। बीती रातों में हुई पत्थरबाजी की घटनाओं में बाहरी तत्वों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

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गुरुद्वारे में निहंग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुरक्षा घेराबंदी के बीच थमी श्रद्धालुओं की आवाजाही
राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नगरासू गुरुद्वारे के आसपास यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। हालांकि सुरक्षा कारणों से गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी कर रही हैं। तीन दिन से सीमित स्तर पर लंगर सेवा संचालित हो रही है।
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गुरुद्वारे की छत पर निहंग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छत पर की तोड़फोड़
गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक बाबा बेअंत सिंह ने बताया कि छत पर मौजूद निहंग लगातार तोड़फोड़ कर रहे हैं। उनके अनुसार तीसरी और चौथी मंजिल की दीवारों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तोड़ी गई सामग्री को निहंग अपने बचाव के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
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