शनिवार सुबह तक नगरासू गुरुद्वारे में सब कुछ सामान्य था। हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए निहंग तीर्थयात्रियों की तरह गुरुद्वारे में रह रहे थे और सेवा कार्यों में भी हिस्सा ले रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि शाम होते-होते हालात पूरी तरह बदल जाएंगे। अचानक सात निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के बाद से क्षेत्र में भय का माहौल है। रविवार दोपहर तक भी लोग घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे। गुरुद्वारे के आसपास पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बनी रही। लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि जिन लोगों को श्रद्धालु और सेवादार समझा जा रहा था वे अचानक टकराव की स्थिति में आ गए।
गुरुद्वारे के समीप रहने वाली रजनी देवी बताती हैं कि वर्ष 2007-08 में भी यहां एक विवाद हुआ था लेकिन तब हालात इतने तनावपूर्ण नहीं बने थे। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधक बाबा बेहंत सिंह ने बताया कि निहंग अपने साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि दो लोगों को बंधक बनाया गया था। इनमें से एक को शनिवार देर रात छोड़ दिया गया, जबकि एक सेवादार अभी भी उनके कब्जे में होने की बात कही जा रही है।