गर्मी से राहत पाने के लिए विभिन्न राज्यों से पर्यटक योगनगरी ऋषिकेश का रुख कर रहे हैं। यहां वे जान खतरे में डालकर प्राकृतिक गंगा तटों और संवेदनशील घाटों पर नहाने और सेल्फी लेने के लिए उतर रहे हैं। पर्यटकों की यही गलती उनकी जान पर भारी पड़ रही है। गंगा तटों और संवेदनशील घाटों पर पर्यटकों के गंगा के तेज बहाव में बहने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन और सैलानी हादसों से सबक नहीं ले रहे हैं।
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वीकेंड पर मसूरी और नैनीताल जैसे पर्यटक स्थल सैलानियों से पैक हो रहे हैं। ऐसे में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश के पर्यटक मौज मस्ती के लिए ऋषिकेश पह़ुंचते हैं। ऋषिकेश शहर, लक्ष्मण झूला, स्वर्गाश्रम क्षेत्र, मुनिकीरेती क्षेत्र में एक दर्जन प्राकृतिक गंगा तट और संवेदनशील घाट है। खासकर मैरीन ड्राइव, गोवा बीच, युसूफ बीच, नीम बीच और गंगा लाइन पर पर्यटक घंटों नदी में अठखेलियां करते हैं।
वहीं मस्तराम घाट, किरमोला घाट, संत सेवा घाट, बॉबे घाट, सच्चाधाम घाट, सांई घाट आदि संवेदनशील घाटों पर भी पयर्टक गंगा में सुबह से शाम तक नहाते रहते हैं। इन तटों और घाटों पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।