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मौज-मस्ती पड़ रही भारी: ऋषिकेश में बिना गहराई जाने गंगा में उतर रहे पर्यटक, आठ महीने में 18 लोग बहे

Sun, 05 Sep 2021 08:16 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
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ऋषिकेश में गंगा में बहे पर्यटक की खोजबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
ऋषिकेश के मुनिकीरेती, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है। पर्यटक गर्मी से निजात पाने के लिए गंगा की ओर रुख करते हैं। नदी की गहराई और तटों का अंदाजा न होने के कारण वे पक्के घाटों को छोड़कर संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में मौज-मस्ती करने के लिए नदी में उतर जाते हैं। नतीजन वे हादसे का शिकार हो जाते हैं।

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मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में महज आठ महीने में 18 पर्यटक बह चुके हैं। इनमें से 12 पर्यटकों के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि 6 का कुछ पता नहीं लग सका है। हैरत की बात यह है कि इस सब के बावजूद मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला पुलिस की ओर से गंगा घाटों पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।  

थाना लक्ष्मणझूला के अंतर्गत बॉबे घाट, संतसेवा घाट, किरमोला घाट, राधेश्याम घाट, भागीरथी घाट और गंगा लाइन अतिसंवेदनशील घाट हैं। वीकेंड पर इन घाटों पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है। पुलिस की ओर से इन घाटों पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। खानापूर्ति के लिए यहां पत्थरों पर खतरा लिखकर इतिश्री की गई है। 
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ऋषिकेश में गंगा अटखेलियां करते पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
वहीं, थाना मुनिकीरेती क्षेत्र की बात करें तो तपोवन स्थित नीमबीच, सच्चाधाम घाट, दर्शन कॉलेज घाट और पूर्णानंद घाट अतिसंवेदनशील घाट हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से यहां सैलानियों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। वर्ष 2019 में 16 और वर्ष 2020 में 15 पर्यटक इन घाटों पर अपनी जान गंवा चुके हैं।
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ऋषिकेश में गंगा में बहे पर्यटक की खोजबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मुनिकीरेती थानाध्यक्ष कमलमोहन भंडारी और लक्ष्मणझूला थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि गंगा तटों और घाटों पर जल पुलिस की तैनाती रहती है। अतिसंवेदनशील घाटों पर जाने के लिए पर्यटकों को रोका जाता है, लेकिन पर्यटक नजर बचाकर निकल जाते हैं।

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ऋषिकेश में गंगा में बहे पर्यटक की खोजबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
रविवार को भी नोएडा से मुनिकीरेती घूमने आए एयरटेल कंपनी के दल के दो सदस्य गंगा में डूब गए। कंपनी के सेंटर हेड गंगा में आचमन के लिए उतरे थे। इस दौरान पैर फिसल से वह बहने लगे। सेंटर हेड को बचाने के चक्कर में कंपनी का एक मैनेजर भी तेज बहाव की चपेट में आ गया। दोनों ही नदी की तेज धारा में ओझल हो गए। दल के सदस्यों की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च अभियान चलाया, लेकिन दोनों का कुछ पता नहीं चला सका।
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गंगा में बहे पर्यटक की खोजबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मुनिकीरेती थानाध्यक्ष कमलमोहन भंडारी ने बताया कि नोएडा की एयरटेल एंड्राइड कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों का दल योगनगरी घूमने आया था। रविवार सुबह करीब 9 बजे कंपनी के सेंटर हेड राहुल सिंह (36) पुत्र स्व. प्रेमपाल सिंह निवासी कलाम पुलिस लाइन मार्ग बुलंदशहर उत्तर प्रदेश रामझूला पुल के पास स्थित दर्शन कॉलेज घाट पर गंगा में आचमन के लिए उतरे थे। अचानक पैर फिसलने से सेंटर हेड गंगा में बहने लगे।
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ऋषिकेश में गंगा में बहे पर्यटक की खोजबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मौके पर मौजूद कंपनी के मैनेजर भानुमूर्ति (37) पुत्र एबीएस नारायण निवासी मयूर विहार पूर्वी दिल्ली से बचाने के लिए गंगा में उतर गए, लेकिन वह भी गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गए। कुछ देर बाद दोनों ही गंगा की धारा में ओझल हो गए। 
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