रामपुर तिराहा गोलीकांड
राज्य आंदोलन से जुडे़ प्रमुख आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती का कहना है कि रामपुर तिराहा में बर्बर हत्याकांड और मातृ शक्ति के अपमान ने जैसे उत्तराखंड में आग लगा दी थी। मुझे अच्छे से याद है कि इसकी प्रतिक्रिया। सभी लोग पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर जमा हो गए थे। एक हुजूम उमड़ पड़ा था। सभी को अपनों की चिंता थी। सब जानना चाहते थे कि उनका बेटा, बेटी, मां-पिता, भाई-बहन सुरक्षित है या नहीं। पुलिस प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं था। हर तरफ बेचैनी थी। हर कोई विचलित था।