फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड सत्ता परिवर्तन: टीम पुरानी, नया कप्तान, इन चुनौतियों का करना होगा सामना

Mon, 05 Jul 2021 01:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
मुंख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की सियासत में नेतृत्व परिवर्तन से सिर्फ ‘कप्तान’ बदला है, जबकि टीम पुरानी है। अगले साल होने वाले चुनाव के लिए समय बहुत कम है। शेष होने से पुष्कर सिंह धामी की टीम इलेवन को मिशन 2022 के लिए जान फूंकनी होगी। मुख्यमंत्री धामी पुरानी टीम इलेवन से सियासी पारी खेलेंगे। नए चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। 

उत्तराखंड : पुष्कर सिंह धामी बने उत्तराखंड के 11वें मुख्यमंत्री, जानिए उनके बारे में खास बातें

शपथ ग्रहण से पहले नेतृत्व परिवर्तन को लेकर वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी चर्चा से सियासी माहौल गरमाया रहा। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पार्टी नेताओं से शिष्टाचार भेंट कर उनका स्नेह और आशीर्वाद लिया। बगावत को देखते हुए भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने सिर्फ कप्तान बदला। बाकी टीम पुरानी है।

उत्तराखंड: सांविधानिक संकट नहीं बल्कि ये है सीएम बदलने की वजह, भाजपा ने मौका देखकर एक तीर से साधे पांच निशाने

तीरथ सरकार में जिन मंत्रियों ने शपथ ली थी। धामी सरकार में उन्हीं 11 मंत्रियों ने पद की शपथ ली है। नए कप्तान को पुरानी टीम इलेवन से सियासी पारी खेल कर चुनावी मैच में जीत हासिल करनी है।
विज्ञापन

2 of 5
सीएम पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी - फोटो : अमर उजाला
तीरथ सरकार के शपथ ग्रहण में बिशन सिंह चुफाल, बंशीधर, गणेश जोशी को कैबिनेट मंत्री और यतीश्वरानंद को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। लेकिन इस बार भाजपा हाईकमान ने नेतृत्व परिवर्तन में कैबिनेट मंत्रियों में न तो फेरबदल किया और न ही नए चेहरे को जगह दी है।
विज्ञापन

3 of 5
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
नए कप्तान के सामने 2022 का चुनाव सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए उन्हें और उनकी टीम को चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंकनी पड़ेगी। सरकार के पास चुनाव को लेकर समय कम है और पहाड़ जैसी चुनौतियों से पार पाना है।

4 of 5
पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर ही भाजपा ने दांव क्यों लगाया? इसकी सबसे बड़ी वजह उनका युवा, पढ़ा लिखा और ऊर्जावान होना है। राज्य में युवा वोटरों की अच्छी खासी संख्या है। धामी को कमान देने से कुमाऊं में भाजपा को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कम समय में युवा मुख्यमंत्री ज्यादा तेजी और ऊर्जा से दौड़ भाग कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
युवा धामी के लिए खांटी नेताओं का नेतृत्व करना आसान नहीं होगा। उनके मंत्रिमंडल में शामिल कई दिग्गज नेता अनुभव और सियासी जोड़तोड़ में उनसे काफी आगे हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें साथ लेकर चलना उनके लिए आसान नहीं होगा। थोड़े वक्त में खांटी मंत्रियों के साथ समन्वय बनाकर चलने और खुर्राट नौकरशाही को साधने के लिए उन्हें अपना पूरा सियासी कौशल झोंकना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें