साल 2006 में आइकावा की फ्रेंचाइजी लेने की होड़ मची थी। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार समेत कई प्रदेशों के लोग फ्रेंचाइजी लेने को लालायित रहते थे। उस दौरान आइकावा की फ्रेंचाइजी लेना आसान नहीं था। प्रतिमाह एक रुपये में कंप्यूटर सिखाने का प्रचार-प्रसार इस कदर था कि लोग दूर-दूर से यहां आकर डेरा डाल देते थे। खुद को पायलट बाबा का भांजा बताने वाला हिमांशु रॉय इसका पूरा काम देखता था। फ्रेंचाइजी लेने को लोग प्रभावशाली स्थानीय लोगों से सिफारिश भी करवाते थे।