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जहां बार-बार घुसपैठ कर रहा चीन, वहां बिना हथियारों के पेट्रोलिंग करते हैं भारतीय सैनिक, ये है वजह

न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Thu, 13 Sep 2018 04:51 PM IST
barahoti
भारतीय सीमा के जिस क्षेत्र में चीन बार-बार घुसपैठ कर रहा है वहां अगर चीन ने हमला कर दिया तो शायद हमारी आर्मी कुछ न कर पाए। ऐसा इसलिए क्योंकि, हमारे सैनिक उस क्षेत्र में बिना हथियारों के पेट्राेलिंग करते हैं। जानकारी के अनुसार, बाड़ाहोती क्षेत्र में 80 वर्ग किलोमीटर तक चारागाह फैला है। दोनों देश इस पर अपना दावा करते हैं। यही वजह है कि चीन यहां लगातार घुसपैठ करता है। 
 
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घुसपैठ - फोटो : Getty images
बाड़ाहोती के ऊपरी साइड तनजुंला दर्रे की और चीनी सैनिक रहते हैं, जबकि रिमखिम उत्तराखंड की अंतिम पोस्ट है। फर्स्ट में आईटीबीपी और उसके बाद आर्मी रहती है। आईटीबीपी बाड़ाहोती चारागाह के मध्य से बहने वाली होतीगाड तक बिना हथियार के पेट्रोलिंग करती है। बाराहोती भारत-चीन सीमा की उन तीन चौकियों में से एक है, जहां आईटीबीपी के जवान बिना हथियार के पैट्रोलिंग करते हैं। 

बाराहोती बॉर्डर
सूत्रों के अनुसार, 1958 में भारत और चीन ने बाराहोती के 80 वर्ग में फैले इस चारागाह क्षेत्र को विवादित क्षेत्र घोषित किया था। इसके बाद निर्णय लिया गया कि, यहां कोई भी अपने जवान नहीं भेजेगा। इसके बाद साल 2000 में यह फैसला लिया गया कि उत्तराखंड, हिमाचल और यूपी में तीन पोस्टों पर आईटीपीबी बिना हथियारों के ही पेट्रोलिंग करेगी। साथ ही वर्दी की बजाय जवान सिविलियन कपड़ों में रहेंगे। यही कारण है कि चीन बार बार यहां आकर अपना हक जताता है और घुसपैठ करता है। 

चीन बार्डर पर सिक्योरिटी सिस्टम
मंगलवार को भी उत्तराखंड में चमोली जिले के बाड़ाहोती में 15 अगस्त को चीनी सैनिक करीब 400 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए थे। हालांकि भारतीय सैनिकों ने उनकी घुसपैठ को नाकाम कर दिया। सूत्रों के अनुसार पिछले माह चार, 14 और 15 अगस्त को चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे, जिन्हें भारतीय सेना ने वापस खदेड़ दिया। ससे पहले जुलाई माह में भी चीनी सैनिकों की ओर से करीब पांच बार घुसपैठ की गई थी। 

इधर, चमोली की जिलाधिकारी स्वाती एस भदौरिया ने बाड़ाहोती क्षेत्र में चीनी सैनिकों के घुसपैठ की किसी भी सूचना से इंकार किया है। चीन सीमा क्षेत्र की रेकी के लिए गई जिला प्रशासन की टीम मंगलवार को लौट आई है। टीम चार सितंबर को सीमा क्षेत्र के निरीक्षण को गई थी। बता दें कि चमोली जिला प्रशासन की टीम वर्षभर में चार बार सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती के स्थलीय निरीक्षण के लिए जाती है। सीमा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रशासन की टीम सैन्य बल के साथ होतीगाड और बाड़ाहोती एरिया तक पहुंचती है। 

indo china border
आपको बता दें कि, वर्ष 2014 में एक चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में काफी देर तक मंडराता रहा। वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में पहुंचकर चरवाहों का खाद्यान्न नष्ट कर दिया था। वर्ष 2016 में सीमा क्षेत्र के निरीक्षण पर गई चमोली प्रशासन की टीम का भी चीनी सैनिकों से सामना हुआ था। वर्ष 2017 में तीन जून को बाड़ाहोती क्षेत्र में दो चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब तीन मिनट तक मंडराते रहे।  
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