नदी के ऊपर पुल से गुजरती अथाह जलराशि के मनोरम दृश्य ने कवियों और साहित्यकारों को ही नहीं बल्कि फिल्मकारों को भी आकर्षित किया है। देशभक्ति से प्रेरित गीत ‘नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं’ में छोटा सा बच्चा हाथी पर सवार होकर जिस मार्ग से गुजरता दिखाई देता है। वह रुड़की गंगनहर में सोलानी एक्वाडक्ट (जलसेतू) की पटरी का दृश्य है। इस गीत में गंगनहर किनारे बने ऐतिहासिक शेर भी दिखाए गए हैं।
सन 1962 में रिलीज हुई ‘सन ऑफ इंडिया’ फिल्म में छोटे बच्चे पर फिल्माया गया गीत ‘नन्हा मुन्ना राही हूं...’ अक्सर स्कूलों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आज भी सुनाई देता है। यह गीत बच्चों में राष्ट्रीयता, जोश, प्रगति और देश के प्रति समर्पण का भाव पैदा करता है।
गीतकार शकील बदायूनी ने इस गीत को लिखा था, संगीतबद्ध नौशाद ने किया था, जबकि गीत को आवाज शांति माथुर ने दी थी। इस गीत एक दृश्य रुड़की की गंगनहर का भी दर्शाया गया है, जिसमें गंगनहर की अपार जलराशि के साथ ही रुड़की की गंगनहर के दोनों ओर बने ऐतिहासिक शेर और उद्योगशाला भी नजर आती है।