स्नान का विशेष महत्व
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आचार्य सुशांत राज ने बताया कि शास्त्रों में मकर संक्रांति को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। एक राशि को छोड़कर दूसरे में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को संक्रांति कहते हैं।