देवभूमि स्थित माता भगवती महाकालिका का यह दरबार अनगिनत, असंख्य अलौकिक दिव्य चमत्कारों से भरा पड़ा है।
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mahakali temple gangolihat pithoragarh
पिथौरागढ़ के गंगोलहाट में स्थित लोगों की आस्था का केंद्र महाकाली मंदिर अनेक रहस्यमयी कथाओं को अपने आप में समेटे हुये है।
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कहा जाता है कि जो भी भक्तजन श्रद्वापूर्वक महाकाली के चरणों में आराधना के पुष्प अर्पित करता है उसके रोग, शोक, दरिद्रता एवं महान विपदाएं दूर हो जाती है।
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mahakali temple gangolihat pithoragarh
स्थानीय लोग बताते हैं यहां श्रद्वा एवं विनयता से की गयी पूजा का विशेष महत्व हैं। इसलिये वर्ष भर यहां बडी संख्या में श्रद्वालु पहुंचते हैं।
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महाकाली के संदर्भ में एक प्रसिद्व किवदन्ति है कि कालिका का जब रात में डोला चलता है तो इस डोले के साथ कालिका के
गण, आंण व बांण की सेना भी चलती हैं।
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कहते हैं यदि कोई व्यक्ति इस डोले को छू ले तो दिव्य वरदान प्राप्त होता है।
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इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि महाआरती के बाद मंदिर में शक्ति के पास महाकाली का बिस्तर लगाया जाता है और प्रातः काल बिस्तर पर सिलवटे दिखाई देती हैं। जिसे देखकर यह माना जाता है कि कालिका विश्राम करके गयी हों।