31 जनवरी को होने वाला चंद्रग्रहण पुष्य नक्षत्र में होगा। 176 साल बाद बन रहे इस संयोग के दौरान अगर मनुष्य यह चार काम करें तो मंगलकारी सिद्ध होगा।
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कुंडली
यह संयोग 176 साल बाद होगा इसका प्रभाव सभी बारह राशियों पर पड़ेगा। पंडित आचार्य राकेश कुमार शुक्ल ने बताया कि 31 जनवरी को लगने वाला चंद्र ग्रहण पुण्य नक्षत्र में होगा। यह संयोग 176 साल बाद हो रहा है।
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चन्द्र ग्रहण
35 वर्ष बाद चंद्रग्रहण तीन वर्णों में दिखायी देगा। यह अपने आप में एक अद्भुत घटना है। उन्होंने बताया कि ग्रहण का स्पर्श शाम 5:15 बजे से होगा।
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ganga snan
ग्रहण के अनिष्टकारी प्रभाव से बचने के लिए ग्रहण काल में स्नान, दान, मंत्र, तीर्थ स्नान करना मंगलकारी होता है। उन्होंने कहा कि ग्रहणकाल में मूर्ति स्पर्श करना, निद्रा, भोजन करना, तेल लगाना, नाखून काटना वर्जित है।
पूर्ण खग्रास 6:20 बजे से होगा। 10:42 बजे ग्रहण समाप्त होगा। यह चंद्रग्रहण श्लेषा नक्षत्र और कर्क राशि में घटित हो रहा है, इसलिए कर्क राशि पर इसका अनिष्टकारी प्रभाव होगा।