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पाइप लाइन के जरिए पहुंचेगी किचन में LPG, अगर हो जाएं जल्दी यह काम

Wed, 03 Jan 2018 08:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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gas pipeline - फोटो : mercopress.com
पाइप लाइन के जरिये रसोई गैस को चूल्हे तक पहुंचाने की तैयारी है। हालांकि यह काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था। अगर यह काम हो जल्द ही जाएं तो रसोई गैस पाइप लाइन के जरिए मिलेगी।
 
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LPG Gas Cylinder
पाइप लाइन के जरिये रसोई गैस को चूल्हे तक पहुंचाने की योजना अभी धरातल पर उतरती नहीं दिख रही है। वजह नगर निगम की ओर से प्रस्तावित भूमि को भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन एवं गेल गैस लिमिटेड को हस्तांतरित नहीं करना है, जबकि निगम भूमि का चार करोड़ से अधिक का पैसा अग्रिम ले चुका है।

 
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gas pipeline - फोटो : .incoreinsightlytics.com
नेचुरल गैस टर्मिनल स्थापित करने के लिए रानीपुर झाल में 4000 वर्ग मीटर भूमि नगर निगम को सर्किल रेट देनी थी। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की इच्छा के मुताबिक मेयर मनोज गर्ग ने बोर्ड में आनन-फानन में इसका प्रस्ताव भी पारित करा दिया था।

 

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LPG Gas Cylinder
सर्किल रेट के हिसाब से 5 करोड़ 6 लाख रुपये जमीन की कीमत के सापेक्ष गेल नगर निगम को 4 करोड़ 17 लाख 45 हजार का अग्रिम भुगतान भी कर चुका है। इसके बावजूद उन्हें भूमि हस्तांतरित नहीं हुई।

 
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gas cylender - फोटो : demo pice
जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने से भारत पेट्रोलियम व गेल के परियोजना अधिकारियों का भी जवाब तलब होने लगा है। जिलाधिकारी ने नगर निगम व राजस्व विभाग से संयुक्त रूप से जमीन की पैमाइश करने और बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार 4000 वर्ग मीटर भूमि की निशानदेही कर गेल को देने का निर्देश दिया था।
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गैस सिलेंडर - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
तब से चार बार संयुक्त पैमाइश करने के बाद भी राजस्व अधिकारी चौहद्दी करके नहीं दे रहे हैं। इससे पेट्रोलियम मंत्रालय के प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट को लटकाकर रखा जा रहा है। नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया का कहना है कि प्रकरण को शासन को रैफर कर दिया है।
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धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : SELF
भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन एवं गेल गैस लि. के प्रोजेक्ट मैनेजर परंजय जोशी का कहना है कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री दिसंबर में 2016 में हरिद्वार आए थे। तब से नगर निगम से जमीन लेने की प्रक्रिया चल रही है।

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गैस - फोटो : file photo
जमीन मिलने में देरी होने से नेचुरल गैस टर्मिनल की स्थापना का लक्ष्य प्राप्त करने में देरी हो रही है। इस संबंध में नगर निगम के अधिकारियों के साथ लगातार वार्ता की जा रही है। वह भी चाहते हैं कि जमीन जल्दी हैंडओवर हो जाए। बावजूद इसके अब तक जमीन मिली नहीं है, जिससे लक्ष्य काफी पिछड़ गया है। हालांकि लाइन बिछाने का काम चल रहा है।

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dharmendra pradhan
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान दिसंबर 2016 में हरिद्वार आकर मार्च 2017 तक एलपीजी को रसोई तक पहुंचाने की घोषणा कर गए थे। उन्होंने तत्कालीन विधायक मदन कौशिक और मेयर मनोज गर्ग से गैस टर्मिनल और वितरण केंद्र स्थापित करने के लिए दो स्थानों पर जमीन दिलाने के लिए भी कहा था।
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मदन कौशिक - फोटो : file photo
विधायक कौशिक ने केंद्रीय मंत्री को आश्वस्त किया था कि नगर निगम से भूमि दिला दी जाएगी, लेकिन सत्ता में आने और शहरी विकास मंत्री होने के बाद भी वह नगर निगम से गेल को जमीन नहीं दिला सके हैं। 
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