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Dehradun News : कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर सैकड़ों कांग्रेसी राजभवन कूच के लिए निकले, तस्वीरों में देखें उग्र प्रदर्शन

Fri, 15 Jan 2021 03:33 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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congress, protest, police - फोटो : amar ujala
कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर जारी किसान आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को कांग्रेस दून में राजभवन के घेराव के लिए निकली। कूच के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोंकझोंक भी हुई। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। 
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राजभवन कूच - फोटो : amar ujala
कांग्रेस की इस प्रदर्शन रैली में सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिससे राजधानी में जाम की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान हाथी बड़कला चौक पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच कांग्रेस इस प्रदर्शन के जरिये अपनी ताकत का अहसास कराने की भी कोशिश कर रही है। 
 
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राजभवन कूच - फोटो : amar ujala
इस बाबत गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में राजभवन घेराव के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश भी शामिल हुईं। प्रीतम सिंह ने पार्टी के विधायकों, पूर्व विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों से फोन पर बातचीत की और उनसे प्रदर्शन में शामिल होने वाले कांग्रेसियों की जानकारी हासिल की। 

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राजभवन कूच - फोटो : amar ujala
कांग्रेस ने राजभवन घेराव में प्रदेश भर से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को शामिल होने को कहा था। प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव भी प्रदर्शन में शामिल रहे। महामंत्री संगठन विजय सारस्वत ने बताया कि दोपहर पूर्व कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ताओं का आना हुआ।
 
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राजभवन कूच - फोटो : amar ujala
यहां से प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश प्रभारी  देवेंद्र यादव, के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजभवन की ओर जुलूस के रूप में कूच किया। वहीं कृषि ऋण वसूली को शिथिल करने की मांग को लेकर गैरसैंण के काश्तकारों ने पूर्व सीएम हरीश रावत को ज्ञापन दिया।
 
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राजभवन कूच - फोटो : amar ujala
ज्ञापन में कहा कि पूर्व में नेताओं की ओर से किसानों की ऋण माफी की कोरी घोषणाओं के कारण वह समय पर ऋण जमा नहीं कर पाए थे। अब मूलधन व ब्याज लगाकर ऋण की राशि अधिक होने से वह एकमुश्त ऋण अदा करने में असमर्थ हैं। वह अपनी आर्थिक क्षमता के आधार पर किस्तों में ऋण अदायगी के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार एकमुश्त वसूली कर रही है। उन्होंने ऋण वसूली में शिथिलता बरतने की मांग की।
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