फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव: योगमय हुई तीर्थनगरी, साधकों ने ऐसे किया योग क्रियाओं का अभ्यास, तस्वीरें...

Tue, 02 Mar 2021 08:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
विज्ञापन
1 of 6
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश योगमय हो गई। इस दौरान सबसे पहले धर्मगुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्रीश्री रवि शंकर ने कहा कि योग और ध्यान (मेडिटेशन) से व्यक्ति में पात्रता अर्थात शुभ को ग्रहण करने की शक्ति का विकास होता है। मन को साधने की क्रिया नैसर्गिक होनी चाहिए। उसके लिए जोर-जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग अर्थात जीवन जीने की कला का एक सिद्धांत है। श्रीश्री रविशंकर ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन साधकों को ऑनलाइन संबोधित किया। महोत्सव में करीब 350 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। गढ़वाल मंडल विकास निगम एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के दूसरे दिन योगाचार्यों ने साधकों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास भी कराया। 

यह भी पढ़ें...अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2021: ऋषिकेश में बही योग की गंगा, बड़ी संख्या में जुटे योग साधक, तस्वीरें... 

मंगलवार को मुख्य पंडाल में सुबह के सत्र में योग प्रशिक्षक अक्षर ने योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने धनुर आसन के बारे में बताते हुए कहा कि यह एक बहुत लाभदायक आसन है। इसके अभ्यास करने से शरीर शक्तिशाली होने के साथ-साथ लचीला हो जाता है। 
विज्ञापन

2 of 6
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने साधकों को दंडासान, नौकासान व हिमालय प्रणाम का अभ्यास कराया। हिमालय प्रणाम आसन के बारे में योगाचार्य ने बताया कि इसका अभ्यास करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। प्रसन्नता के भाव आते हैं। 
विज्ञापन

3 of 6
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
पंचकर्मा हॉल में योगाचार्य कपिल संघवी ने साधकों को प्राणायाम का अभ्यास करते हुए कहा कि प्राण वायु से प्राण की पुष्टि होती है। जितना गहरा और दीर्घ सांस लेते एवं छोड़ते हैं, उतना ही अधिक मन शांत रहता है। कहा शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है। जिसमें पृथ्वी तत्व हमें भोजन से प्राप्त होता है।

4 of 6
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
जल तत्व मां गंगा से प्राप्त होता है। अग्नि हमें सूर्य से प्राप्त होती है। जबकि आकाश तत्व खुले आकाश से प्राप्त होता है। प्राण वायु को हम भली प्रकार से अवषोशित करेंगे, तो हम उतने ही स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहेंगे। गौर गोपाल दास ने साधकों को ऑनलाइन संबोधित कर योग के महत्व के बारे में बताया।
विज्ञापन

5 of 6
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
साथ ही डा. लक्ष्मीनारायण जोशी और डॉ. मनोज रांगड़ ने साधकों को ओशो के ध्यान की जानकारी दी। इसके अलावा योगाचार्य ऊषामाता, शशिकांत दुबे ने भी साधकों को योग के बारे में बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
महोत्सव में सायंकालीन सत्र में पंडित रजनीश व रितेश मिश्रा ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों की जमकर तालियां बटोरीं। इस मौके पर पर्यटन महाप्रबंधक जितेंद्र कुमार, अभिषेक आनंद, अवधेश कुमार, विवेक चौहान राजेंद्र प्रसाद ढौंडियाल, विश्वनाथ बिजल्वाण आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें