होलिका दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नौ मार्च की शाम हर्षोल्लास से होलिका दहन किया जाएगा। दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 12 मिनट से शुरू होगा। दस मार्च को अबीर-गुलाल उड़ेगा। उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं के अनुसार, सोमवार दोपहर 1.30 बजे तक भद्रा की छाया रहेगी।
विज्ञापन
2 of 5
- फोटो : फाइल फोटो
इस काल में होली पूजन शुभ नहीं माना जाता। इसके बाद होली पूजन किया जा सकता है। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6.12 बजे से शुरू होगा जो रात तक रहेगा। होली पूजन की विशेष विधि है। विधि-विधान से पूजा करने से ही लाभ होता है। साथ ही होली पर राशियों के अनुसार रंगों का भी विशेष महत्व होता है।
विज्ञापन
3 of 5
- फोटो : फाइल फोटो
ऐसे करें पूजा
हल्दी की गांठ, उपले, फल, सब्जी आदि की माला बनाकर धारण करें। होलिका दहन से पहले नारियल, सुपारी, जायफल व आठ गोमति चक्र लेकर गुलाबी रंग से होलिका पूजन करें। उसके बाद होलिका के चारों ओर आठ दीये जलाएं। सभी सामग्रियों को होलिका के ऊपर अर्पण करें।
4 of 5
- फोटो : फाइल फोटो
राशि के अनुसार शुभ रंग मेष: लाल और पीला वृष: सफेद, नीला मिथुन : हरा और सफेद कर्क : पीला, हरा और सफेद सिंह : गुलाबी, हरा और पीला कन्या : हरा, पीला और सफेद