उत्तराखंड के युवाओं का छोटा कद सेना भर्ती में आड़े नहीं आएगा। रक्षा मंत्रालय इस संबंध में बड़ी राहत देने जा रहा है। परिवर्तन यात्रा की समापन जनसभा में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने सेना भर्ती के लिए युवाओं के कद की न्यूनतम सीमा को घटाने के प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लिए जाने की बात कही।
विज्ञापन
2 of 7
रक्षामंत्री मनोहर परिकर
- फोटो : AmarUjala
टपकेश्वर मंदिर रैली मैदान में रक्षा मंत्री परिकर ने अपने संबोधन में केवल अपने मंत्रालय से संबंधित मामलों पर ही फोकस रखा। उत्तराखंड को सैन्य बहुल प्रदेश की बात कर उन्होंने उससे जुड़े मुद्दों को छुआ। उन्होंने कहा कि यहां के युवा सेना में आने के लिए उत्साहित रहते हैं, ऐसे में मौजूदा दिक्कतें जिनका समाधान हो सकता है तो निश्चित तौर पर किया जाएगा।
विज्ञापन
3 of 7
Indian Army
- फोटो : Amar Ujala
कहा कि उनके पास उत्तराखंड से लगातार यह मांग आ रही है कि पहाड़ी राज्यों में युवाओं की न्यूनतम लंबाई को घटाना चाहिए। इसके लिए हम पुराने डाटा और नए भर्ती डाटा को ले रहे हैं कि कद के कारण कितने लोग रैलियों में रिजेक्ट हो रहे हैं। इस पर अध्ययन करवाया जा रहा था। रिपोर्ट तैयार है जल्द बदलाव होगा। लेकिन, चुनाव होने के चलते घोषणा करने से रक्षा मंत्री बचे।
4 of 7
manohar parrikar
- फोटो : AmarUjala
उन्होंने कहा कि चुनाव की दृष्टि से मैं यह राहत देने वाली बात नहीं कह रहा हूं। इसके साथ युवाओं के शैक्षणिक योग्यता संबंधित मसलों, जिसमें पास प्रतिशत जैसे मुद्दे हैं उन पर भी रक्षा मंत्रालय विचार कर रहा है।
विज्ञापन
5 of 7
परिकर
- फोटो : self
पूर्व सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन स्वीकृत करने के साथ उस पर उठ रहे सवालों का जवाब भी दिया। परिकर बोले, यह बड़ा पेचीदा मुद्दा है, जिसके अनुपालन में समस्याएं आना तय थी। हम सुधार कर सकते हैं। 98 प्रतिशत तक मामले सुलझ गए हैं जो दो प्रतिशत बचे हैं, उन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा। रक्षा मंत्री ने प्रदेश के युवाओं की सेना में भर्ती को लेकर राहत देने की बात कही।
अभी यह हैं मानक
श्रेणी ------------ न्यूनतम लंबाई
सैनिक (जीडी) ------ 166 सेंटीमीटर
सैनिक (ट्रेड्समेन)------ 166 सेंटीमीटर
सैनिक (क्लर्क)------ 162 सेंटीमीटर
सैनिक (टेक्निकल)------ 163 सेंटीमीटर
विज्ञापन
6 of 7
भारतीय सेना
- फोटो : DEMO Pics
कद से खा रहे मात
उत्तराखंड में सेना भर्ती रैलियों में न्यूनतम कद की सीमा को पार नहीं कर पाने से 15 से 20 प्रतिशत तक युवा पहले चरण में बाहर हो जाते हैं। मैदान के मुकाबले पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को चार सेंटीमीटर की राहत होने के बावजूद छोटा कद आड़े आ रहा है।
हालांकि कद के अलावा दम खम में पर्वतीय युवा मैदानी जनपदों को टक्कर देते हैं। उत्तराखंड में सैनिक भर्ती रैली में चयन दर देश में सर्वाधिक है। अगर कद में राहत मिलती है तो यह संख्या और बढ़ सकती है।