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हरिद्वार: पतंजलि ने टोक्यो ओलंपियन को किया सम्मानित, स्वामी रामदेव ने की ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा

Sat, 21 Aug 2021 12:48 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

स्वामी रामदेव ने कहा कि आज सभी ओलंपिक पदक विजेता 135 करोड़ भारतीयों के स्वाभिमान का प्रतीक हैं।
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बाबा रामदेव ने किया खिलाड़ियों का सम्मान - फोटो : अमर उजाला
वैदिक गुरुकुलम में पतंजलि योगपीठ परिवार की तरफ से स्वामी रामदेव ने टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों बजरंग पुनिया, रवि दहिया और दीपक का स्वागत किया। योग गुरु ने खिलाड़ियों को रुद्राक्ष की माला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने पतंजलि और रुचि सोया की तरफ से खिलाड़ियों को ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की। 

स्वामी रामदेव ने कहा कि आज सभी ओलंपिक पदक विजेता 135 करोड़ भारतीयों के स्वाभिमान का प्रतीक हैं। बजरंग पूनिया, रवि दहिया व दीपक ने वैश्विक स्तर पर पहुंचकर विजेता बनकर भारत व उसके 135 करोड़ नागरिकों का गौरव बढ़ाया है। 42 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ जब भारत ने इतने पदकों पर विजय प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि हरियाणा वह राज्य बन गया है, जहां पर सर्वाधिक पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं। 

स्वामी रामदेव ने कहा कि वैसे तो वह सभी खेलों का सम्मान करते हैं, लेकिन कुश्ती और कबड्डी हमारे यहां युगों-युगों से मल्ल युद्ध के रूप में खेली जाती रही हैं। इसलिए पतंजलि परिवार अब कुश्ती व कबड्डी जैसे खेलों को ग्लैमर युक्त बनाने की कोशिश करेगा। ऐसे खेलों व खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी करेगा।
 
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बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला
रामदेव ने कहा कि आज क्रिकेट व उसके खिलाड़ियों को ही सेलेब्रिटी समझा जाता है। उनको ही महिमामंडित किया जाता है। लेकिन पतंजलि गांव की मिट्टी से जुड़े कुश्ती व कबड्डी जैसे खेलों में विश्व विजेता बनकर भारत को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करेगा। 
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बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला
रवि दहिया ने कहा कि खिलाड़ी में लगन, कठोर मेहनत का जज्बा और उसका गोल निर्धारित होना चाहिए। 24 घंटे मेहनत करने की चाहत ही उसे एक खिलाड़ी बनाती है।

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पतंजलि में कुश्ती प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि जब आप अपने लक्ष्य को सुबह-शाम जीते हैं, तब जाकर आप कोई पदक हासिल कर पाते हैं। आठ साल की उम्र से कुश्ती में आ गया था।
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रवि दहिया - फोटो : social media
बस कुश्ती में एक दिन नाम बनाना है, यही लक्ष्य था जो आज हासिल कर लिया। जब लोग हमारा अभिवादन करते हैं तो बहुत अच्छा लगता है। 
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