हरिद्वार में पकड़े वन्यजीवों के अंग
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बवाल बढ़ा तो सक्रिय हुआ प्रशासनिक तंत्र
गंगा के किनारे खाली जमीनों पर बसने वाले परिवार कहां से आए हैं, उनका कारोबार क्या है, इन सवालों से स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अनभिज्ञ है। इस अनदेखी के चलते हर रोज बढ़ते खानाबदोश परिवारों के कुनबे को लेकर पिछले कुछ दिनों से स्थानीय लोग आक्रोशित थे। इसकी शिकायत भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से की गई, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। इसी बीच सोमवार को जैसे-जैसे मुद्दा गरमाता गया और युवा ने झोेपड़ियों को उजाड़ना शुरू किए तो प्रशासनिक तंत्र भी सक्रिय हो गया। पहले पुलिस मौके पर पहुंची। उनके सामने ही युवाओं ने गांजा की खेप और शराब का जखीरा दिखाया। कुछ ही देर में नगर निगम की जेसीबी और टीम के सदस्य भी सफाई निरीक्षक श्रीकांत के नेतृत्व में मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते झुग्गियों को तोड़कर साफ कर दिया गया।