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कुंभ 2021: किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ने बताई अपने जीवन की ऐसी बात कि नाज करेंगे आप

Thu, 04 Mar 2021 10:27 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
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आचार्य महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार कुंभ में पहुंचे किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वक्त के साथ जमाना बदल रहा है। बदलाव ही प्रकृति का नियम है। किन्नर समाज के प्रति लोगों को भी अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। क्योंकि किन्नर भी समाज का हिस्सा हैं। किन्नरों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है। इसके लिए सरकार को पहल करने की आवश्यकता है। सरकारी सिस्टम में किन्नर बच्चों को स्कूलों में शिक्षा और अस्पतालों में बिना भेदभाव इलाज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किन्नरों को अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए राजनीति में आना होगा। जब हर एक इच्छा प्रबल होगी तब वह भी चुनाव मैदान में उतरेंगी। जूना अखाड़े की पेशवाई में शामिल होने हरिद्वार पहुंची आचार्य महामंडलेश्वर ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि किन्नर कला और संस्कृति के संरक्षक रहे हैं। उनकी परंपराएं हजारों साल पुरानी हैं। किन्नर अखाड़ा अपनी परंपराओं को सहेज और देशभर के किन्नर समाज को जोड़ रहा है। त्रिपाठी बताती हैं, किसी भी समाज के विकास के लिए शिक्षा पहला पड़ाव है। किन्नर समाज के छोटे बच्चों को शिक्षा देना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कान्वेंट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें... हरिद्वार कुंभ 2021: आज जूना और अग्नि के साथ किन्नर अखाड़ा निकालेगा पेशवाई, ये होगा खास
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आचार्य महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला
आचार्य महामंडलेश्वर कहती हैं कि समाज में बदलाव आ रहा है। लेकिन दहेज के लिए बेटियों को मारने की घटनाएं झकझोर देती हैं। बेटा और बेटी के भेद को मिटाने की जरूरत है। जिस समाज में बेटी, बहन और मां की इज्जत नहीं, वह समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता है। किन्नर समाज पहले बेटी और फिर गाय की पूजा करता है। 
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किन्नर आखाड़ा - फोटो : अमर उजाला
आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि प्रेम ही एक-दूसरे को जोड़ता और मिलाता है। जिसे प्रेम करना न आया हो वह मनुष्य ही नहीं है। प्रेम ही चट्टान जैसे व्यक्ति को मोम बना देता है। 

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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
‘मि हिजड़ा’ और ‘मि लक्ष्मी’ जैसी किताबें लिखने वाले आचार्य महामंडेलश्वर की तीसरी किताब ‘मि एंड धर्मा’ जल्द ही बाजार में आएगी। त्रिपाठी ने बताया कि किताब लिखना शुरू कर दिया है। किताब के अंग्रेजी और हिंदी संस्करण होंगे। एक साल में किताब बाजार में आ जाएगी। किताब सनातन धर्म पर आधारित होगी। 
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आचार्य महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि आचार्य महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भरत नाट्यम में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इस बारे में वह बताती हैं कि आज भी नृत्य करने का बहुत मन करता है, लेकिन समय नहीं मिलता है।
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आचार्य महामंडलेश्वर आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वह बताती हैं, जब डांसर थी तब उसका कर्तव्य निभाया। यूनाइटेड स्टेट में जाकर ट्रेनिंग तक दी। बताया कि वह टाटा इंस्टीट्यूट आफ साइसेंज में लेक्चर देती थीं। उन्होंने फैशन शो में कैटवॉक भी किया है। वह सेलिब्रेटी रहीं, लेकिन आचार्य महामंडलेश्वर बनने के बाद सेवक बन गईं।
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