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महाकुंभ 2021 शाही स्नानः उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री ने कुछ इस तरह किया संतों का स्वागत, लिया आशीर्वाद, तस्वीरें

Thu, 11 Mar 2021 06:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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शाही स्नान के दौरान मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि के मौके पर गुरुवार काे तड़के चार बजे से तीर्थनगरी में महाकुंभ का पहला शाही स्नान हो रहा है। जिसके लिए कुंभ नगरी हरिद्वार में हरकी पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ आया।

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गुरुवार को हरकी पैड़ी पहुंचकर पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने पूजा अर्चना के बाद मां गंगा को चुनरी ओढ़ाई। आचार्य महामंडलेश्वर के स्नान के लिए ब्रह्मकुंड उतरते ही संतों और नागा साधुओं ने भी गंगा स्नान के लिए छलांग लगाई। शाही स्नान के मध्य में हरकी पैड़ी पहुंचकर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संतों को बधाई दी।

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मुख्यमंत्री बनने के एक दिन बाद ही तीरथ सिंह रावत ने महाशिवरात्रि पर शाही स्नान कर रहे संतों के बीच पहुंचकर सभी को चौंका दिया। ऐसा दावा किया जा रहा है कि शाही स्नान के दौरान हरकी पैड़ी स्थित प्रसिद्ध ब्रह्मकुंड तक पहुंचने वाले वह पहले सीएम हैं। इस दौरान संतों ने सीएम को भी स्नान करने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने शाही स्नान का हवाला देते हुए केवल आशीर्वाद लिया। इससे पहले सीएम ने भवन की छत से संतों और श्रद्धालुओं पर फूल भी बरसाए।
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शाही स्नान के दौरान मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
बिना किसी तय कार्यक्रम के प्रदेश के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अपनी पत्नी रश्मि त्यागी रावत के साथ शैव अखाड़ों के शाही स्नान पर हरकी पैड़ी पहुंचे तो संत हैरान रह गए। पहले मुख्यमंत्री के संतों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा करने के कयास लगाए जा रहे थे। नए मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर संत भी गदगद हो गए। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि, अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरि और तपोनिधि अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि ने मुख्यमंत्री का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
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शाही स्नान के दौरान मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
संतों ने मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी रश्मि त्यागी रावत को आशीर्वाद भी दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भी संतों को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने सीएम को भी गंगा में पुण्य की डुबकी लगाने का निमंत्रण दिया, लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय संतों का शाही स्नान चल रहा है। वे केवल संतों को महाकुंभ की शुभकामनाएं देने और आशीर्वाद लेने आए हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं के आगमन पर कोई रोक टोक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु के साथ सख्ती नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने देशभर के श्रद्धालुओं से कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की।  
 

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शाही स्नान के दौरान मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हरकी पैड़ी पर पत्रकारों को बताया कि मां गंगा देशभर के श्रद्धालुओं की अपार आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि स्नान के लिए बुधवार रात से ही श्रद्धालु कुंभनगरी पहुंचना शुरू हो गए थे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसके लिए सरकार, मेला प्रशासन और पुलिस ने तमाम इंतजाम किए गए थे। उन्होंने बताया कि अलसुबह भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया और सुरक्षित घर को लौट गए। मुख्यमंत्री ने बताया शैव अखाड़ों का शाही स्नान भी सकुशल संपन्न हुआ। 
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शाही स्नान के दौरान मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
श्री गंगा सभा ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का स्वागत किया। श्री गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, स्वागत अध्यक्ष सिद्धार्थ च्रकपाणी और युवा तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष उज्जवल पंडित ने मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी को गंगाजली, प्रसाद और चुनरी भेंट की। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हरकी पैड़ी क्षेत्र में स्नान के लिए की गईं व्यवस्थाएं भी देखीं। उन्होंने मेला अधिकारियों से अखाड़ों के क्रमवार स्नान के बारे में जानकारी ली। यह भी पूछा कि स्नान के दौरान किसी अखाड़े को कोई समस्या तो नहीं आई।
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शाही स्नान के दौरान संत - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और संतों ने ब्रह्मकुंड पर दोनों हाथ उठाकर हर-हर महादेव और मां गंगा का जयघोष किया। केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी वर्ष 2010 के महाकुंभ में स्नान पर्व के दौरान हरकी पैड़ी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पूजा अर्चना भी की थी, लेकिन वे संतों के शाही स्नान के बीच नहीं पहुंचे थे।
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जगद्गुरु शंकराचार्य से मिले मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शपथ लेने के अगले ही दिन कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम पहुंचकर शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से मुलाकात की। उन्होंने कुंभ आयोजन सहित तीर्थों कई विषयोें पर शंकराचार्य से चर्चा की। कुंभ को भव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने पूरा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संतों की भावनाओं के अनुसार कुंभ के प्रबंधों को आगे बढ़ाया जाएगा। इस बारे में संतों की भावनाओं का पूर्ण सम्मान होगा। शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि कुंभ पर्व धरती का सबसे बड़ा मेला है। इस पर्व की आध्यात्मिक अवधारणाएं हैं। संतों की भावना और धार्मिक परंपराओं का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। 
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