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Haldwani violence: जेसीबी पहुंचने के बाद शुरू हुआ असल उपद्रव..आठ फरवरी की दास्तां जानें महिला अधिकारी की जुबां

Sat, 10 Feb 2024 10:48 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्धानी

सार

Haldwani violence: 
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हल्द्वानी में बवाल - फोटो : अमर उजाला

बृहस्पतिवार 8 फरवरी बनभूलपुरा क्षेत्र में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और धर्मस्थल हटाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम का विरोध तो वहां मौजूद स्थानीय लोगों और महिलाओं की ओर से पहले ही शुरू हो चुका था लेकिन असल उपद्रव शाम को जेसीबी के अंदर जाने से शुरू हुआ।

उपद्रव के समय 700 पुलिसकर्मियों को लीड कर रही एक सीओ को अंदाजा हो गया था कि अब कुछ भयावह होने वाला है। इधर एसएसपी लगातार संपर्क में थे और हौसला दे रहे थे, जिसके बाद विश्वास जागा और यह सोच लिया कि किसी भी परिस्थिति को कंट्रोल कर लेंगे। एक तरफ डयूटी और दूसरी तरफ अपनी और टीम की जान बचाने की जद्दोजहद के बीच जीवन में ऐसी भयवहता पहली बार देख रही सीओ संगीता ने बृहस्पतिवार शाम को हुए घटनाक्रम के बारे में संवाददाता अमित उप्रेती के साथ जानकारी साझा की।

सवाल- आपको बनभूलपुरा जाने के लिए कब आदेश मिला?
जवाब-
नगर निगम की ओर से जब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू किए जाने की बात कही गई तब एसएसपी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को उन्हें बनभूलपुरा जाने के लिए कहा गया।

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हल्द्वानी में बवाल - फोटो : अमर उजाला

सवाल- कितने पुलिसकर्मियों के साथ निकले?

जवाब- 700 पुलिसकर्मियों को लेकर निकली, जिनमें महिला अधिकारी, कर्मचारी भी शामिल थीं। इनमें 20 सब इंस्पेक्टर, 70 महिला कांस्टेबल शामिल रहीं।

सवाल- बड़ी कार्रवाई पर निकलने के लिए क्या पुलिस फोर्स के पास हथियार थे?

जवाब- लाठी-डंडे और बॉडी प्रोटेक्टर के अलावा और कुछ नहीं था।

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हल्द्वानी में बवाल - फोटो : अमर उजाला

सवाल- टीम कैसे बनभूलपुरा क्षेत्र में पहुंची?

जवाब- हम लोगों में कुछ वाहन से तो कुछ पैदल निकले।

सवाल- क्या मंजर देखने को मिला?

जवाब- करीब 4.30 बजे मंगलपड़ाव से होते हुए बनभूलपुरा पहुंचे तो वहां विरोध शुरू हो चुका था। जेसीबी आगे चल रही थी, जिसे उपद्रवियों ने घेरना शुरू कर दिया था। पुलिस बल ने लोगों को हटाया और आगे बढ़े।

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Haldwani Violence - फोटो : अमर उजाला

सवाल- पत्थरबाजी किस समय शुरू हुई?

जवाब- मलिक के बगीचे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ और पत्थरबाजी शुरू हो गई थी। लोगों ने छतों, गलियों से पत्थर फेंकने शुरू कर दिए थे। हालात यहां नहीं रुके, चारों तरफ से कांच, टयूबलाइट, ईंट-पत्थर के साथ पेट्रोल बम भी गिराए जाने लगे। ऐसा लगा जैसे युद्ध हो रहा हो।

सवाल- क्या पुलिस ने लोगों को समझाने का काम नहीं किया?

जवाब- कार्रवाई से पूर्व पुलिस और निगम की टीम लगातार लोगों को समझाते रही और शांति की अपील करती रही।

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haldwani violence - फोटो : अमर उजाला

सवाल- पुलिस का प्लान क्या था?

जवाब- महिला कर्मचारी साथ में थे। अंधेरा होने से पहले फोर्स को बाहन निकालना जरूरी था लेकिन आगजनी और पत्थरबाजी के कारण मामला उलझ गया।

सवाल- कितने पुलिस कर्मियों को चोट लगी?

जवाब- 150 पुलिस कर्मचारियों को चोट लगी। उन्हें स्वयं पैरो में चोट लगी। उपद्रवियों ने निगम की जेसीबी तोड़ी और हमारे डायल-112 वाहन को जला दिया।

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बेबस लोग - फोटो : अमर उजाला

सवाल- बचकर कैसे निकले?

जवाब- हम जहां से आए उसी रास्ते लौटने लगे थे तभी बनभूलपुरा थाना जलाने की सूचना मिली तो फिर लौट गए। वहां पहुंचे तो थाना तब तक जल चुका था। वहां पर आर्मफोर्स उपलब्ध हो चुकी थी और एसएसपी स्वयं मौजूद थे। फायर सर्विस मौके पर पहुंची, आग बुझाई और टीम को थाने पर कब्जा करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी। उसके बाद भीड़ पीछे हटने लगी। देर रात मशक्कत के बाद मय फोर्स के लौटे तो लगा नया जीवन मिल गया है।

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