बेटे के शव को देख बेसुध हुई मां
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उधर, अर्थी बनाते समय पिता राजू के गिरते आंसू बेटे को अंतिम विदाई दे रहे थे। दोनों भाइयों को रो-रोककर बुरा हाल था। किशोर के शव को जब अर्थी पर रखा गया तो शीला देवी ने पति और दोनों बेटों के हाथ रोक लिए और बेटे को उससे दूर ले जाने पर नाराजगी भी जताई। परिजनों ने रोका और समझाने की कोशिश की लेकिन एक मां को कहां यकीन था कि उसका बेटा अब इस दुनिया को अलविदा कह चुका है।