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टूटा दुखों का पहाड़: पहले पति नहर में डूबे, अब जिगर के टुकड़े को लील गई गोला नदी, शव देख बेसुध हुई मां

Mon, 22 Aug 2022 11:07 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी
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नदी में डूबा युवराज - फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी में गोला नदी में डूबे युवराज की मां दीपा जोशी के सपने और उम्मीदें भी डूब गए। एक युवराज ही तो था उसका सहारा। करीब सात साल पहले पति हरीश जोशी की मौत भी नहर में डूबने से हुई थी। अब जिस जिगर के टुकड़े पर वह उम्मीद लगाए बैठी थी वह भी चल बसा।  

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बरेली के सुभाष नगर में रहने वाली दीपा को जैसे ही घटना के बारे में पता चला तो वह तुरंत बरेली से हल्द्वानी पहुंच गईं। यहां आने के बाद वह बेसुध हो गईं। रिश्तेदारों ने बताया कि दीपा बुरी तरह टूट गई हैं। वह कुछ बोल भी नहीं पा रही हैं।

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युवराज के रिश्तेदारों ने बताया कि युवराज को क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। समय मिलते ही वह मैदान में चला जाता था। उसे पतंग उड़ाने का भी बहुत शौक था। वह कई सारी पतंगे खरीदकर लाया हुआ था। वह खुशमिजाज लड़का था और दोस्तों के साथ रहना उसे बहुत पसंद था।

युवराज का शव सोमवार की सुबह घर लाया गया। दोपहर में शव को चित्रशिला घाट ले जाया गया जहां ताऊ ने मुखाग्नि देकर उसका अंतिम संस्कार किया। वहीं युवराज की मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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नदी में डूबा युवराज - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया को युवराज को रविवार को बरेली लौटना था, लेकिन पता नहीं क्या सोचकर वह नहीं गया और सोमवार को लौटने की बात कही थी। बिना बताए घर से निकला और उसके बाद इस तरह से वापस लौटा तो किसी ने इस बारे में सोचा ही नहीं कि ऐसा भी हो सकता है। रविवार को शव मिलने के बाद सोमवार की सुबह पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। 
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नदी में डूबा युवराज - फोटो : अमर उजाला
11 दिन पहले ही युवराज की कलाई पर छोटी बहन निशा ने राखी बांधी थी और बदले में भाई से ताउम्र रक्षा का वादा लिया था। वह महज 11 दिन में ही टूट गया। युवराज की मौत के बाद निशा और उसकी मां दीपा का रो-रोकर बुरा हाल है, जहां निशा भाई की मौत से स्तब्ध थी वहीं उसकी मां बेटे के किए जल्द घर लौटने के वादे को याद कर रो रही थी।

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गोला बैराज - फोटो : अमर उजाला
युवराज के रिश्तेदारों ने बताया कि उसे पानी से बहुत डर लगता था। वह कभी भी नदी के किनारे नहीं जाता था। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि युवराज नदी में नहाने कैसे उतर गया। किसी को भी इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा है। वहीं, उसके साथ डूबे सुधीर का शव भी सोमवार को मिल गया है।
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गोला बैराज - फोटो : अमर उजाला
युवराज को जब जल पुलिस और एसडीआरफ ने बाहर निकाला तो उसकी सांसें चल रहीं थीं। पुलिस के अनुसार उसके पेट में पानी चला गया था। जल पुलिस ने सीना दबाकर पानी निकालने की कोशिश की। तुरंत ऑक्सीजन लगाई। अस्पताल पहुंचने तक उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पानी के साथ उसके पेट में सिल्ट भी भर गई थी जो उसकी मौत का बड़ा कारण बनी।
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