महाराष्ट्र के छोटे से गांव से आईपीएस अफसर बने सदानंद दाते आज उत्तराखंड में युवाओं के रोल मॉडल बन चुके हैं। आइए जानते हैं दाते के जीवन से जुड़े कुछ अनछुए पहलु...
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शुरुआत में उन्होंने कभी आईपीएस अफसर बनने का ख्वाब नहीं देखा। वह तो डॉक्टर बनना चाहते थे। गांव से ही स्कूलिंग करने के बाद उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी और एमबीबीएस के लिए सलेक्ट हो गए।
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2003 में उन्होंने एमबीबीएस पास कर लिया। सदानन्द अपने गांव के पहले एमबीबीएस डॉक्टर हैं। इसके बाद उन्हें लगा कि उनकी मंजिल ये नहीं बल्कि सिविल सर्विसेज है।
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सदानंद दाते
- फोटो : AmarUjala
उनके साथी उन्हें एमडी और एमएस की तैयारी में मन लगाने को कहते लेकिन सदानन्द मन ही मन सिविल सर्विसेज में जाने का इरादा बना चुके थे। उन्होंने पीजी की तैयारी छोड़ दी और सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गए।
आखिरकार उन्हें सफलता मिली और वह अपने गांव हीं नही बल्कि आस-पास के इलाके के पहले आईपीएस अफसर बने। ट्रेनिंग के बाद कई जगह पोस्टेड रहने के बाद उन्हें वर्तमान में वह राजधानी देहरादून का एसएसपी बनाया गया।