देहरादून में एक किशोरी ने अपने नए प्रेमी के साथ मिलकर पुराने प्रेमी को रास्ते से हटा दिया और उसका शव रायपुर क्षेत्र के जंगल में दफना दिया। युवक 16 मार्च से लापता था। किशोरी की भी 20 मार्च को डालनवाला में गुमशुदगी दर्ज की गई थी। पहले प्रेमी को ठिकाने लगाने के बाद किशोरी अपने प्रेमी के साथ दिल्ली और आसाम में रहने लगी। रविवार को जब वह वापस आई तो अपनी बहन को सारी कहानी बता दी। पुलिस ने शव बरामद कर किशोरी को पकड़कर हत्यारोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
आना नहीं चाहता था बंटी
डालनवाला के रहने वाले नरेंद्र उर्फ बंटी उस रात आना नहीं चाहता था। लेकिन, किशोरी ने उसे दोबारा से प्रेम करने की बात कहकर अपने कमरे पर बुलाया। उस रात किशोरी की बहन मसूरी गई हुई थी। बंटी शराब के नशे में था। किशोरी उसके पास बेड पर लेट गई। इसके बाद आकाश दूसरे कमरे से बाहर निकला और बेल्ट से उसका गला घोंट दिया।
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Dehradun murder
- फोटो : अमर उजाला
बंटी की मौत हुई कि नहीं इसकी पुष्टि भी उसने मुंह पर मुक्का मारकर की। आरोपी आकाश ने पुलिस को बताया कि किशोरी बंटी की हरकतों से बहुत परेशान हो गई थी। वह उसे बार-बार समझा रही थी, लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ रहा था। 16 मार्च को किशोरी ने आकाश को बताया कि वह बंटी को रास्ते से हटाना चाहती है।
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नरेंद्र हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए उन्होंने 16 मार्च का दिन चुना। उस दिन किशोरी की बहन अपने काम से मसूरी गई हुई थी। उसने बंटी को फोन किया लेकिन बंटी ने कहीं आने से मना कर दिया। इस पर किशोरी ने चिकनी चुपड़ी बातें की और कहा कि वह अपने रिश्ते दोबारा से शुरू करना चाहती है।
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नरेंद्र हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
बस बंटी इन्हीं बातों में फंस गया और किशोरी के कमरे पर चला गया। वहां उसे शराब पिलाई गई। इसके बाद बंटी बेड पर लेट गया। उसके बगल में किशोरी भी लेट गई और बातें करने लगीं। दूसरे कमरे में आकाश छुपा हुआ था।
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नरेंद्र हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
आकाश आया और उसने बेल्ट से बंटी का गला घोंट दिया। उसकी नाक से खून बहने लगा। इस पर उसने मुंह पर मुक्का मारकर पुष्टि की कि वह मर गया है। इसके बाद घर में रखे प्लास्टिक के कट्टे में उसे रखा। बंटी के हाथों किशोरी ने ही तार बांधे।
बहन का स्कूटर मांगकर लाया आकाश
आकाश उस रात अपनी मोटरसाइकिल से किशोरी के कमरे पर पहुंचा था। मोटरसाइकिल पर शव को लेकर नहीं जाया जा सकता था। ऐसे में उसने वह रात बंटी के शव के साथ ही गुजारी। अगले दिन सुबह वह अपनी बहन के घर गया और स्कूटर मांगकर लाया। उस स्कूटर के आगे शव का बोरा रखकर ले आमवाला तरला ले गया। वहां करीब तीन फीट गहरा गड्ढा खोदा और शव को उसमें दफना दिया।