आग से झोपड़ियां राख
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इस दौरान प्रभावित रामकला देवी और ललिता देवी ने बताया कि वह 1999 से यहां पर झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। यहां करीब 90 झुग्गी झोपड़ियां थीं। बताया कि पहले भी दो बार खाना बनाते हुए झुग्गी झोपड़ियों में आग लगी थी। उस दौरान भी सभी झुग्गी झोपड़ियां जलकर राख हो गई थीं। उन्होंने बताया कि आज भी अचानक से आग लगी और देखते ही देखते आग इतनी भयंकर हो गई कि उसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी। बताया कि उनके बिस्तर, कपड़े, राशन और अन्य जरूरी सामान सबकुछ आग की भेंट चढ़ गया।