बौद्ध धर्म गुरु और तिब्बती समाज के शिखर पुरुष परमपूज्य दलाई लामा के जन्मदिन को शांति और अहिंसा दिवस के तौर मनाया गया। राजपुर में शाक्या सेंटर स्थित मंदिर, क्लेमेंटटाउन व सहस्त्रधारा मार्ग स्थित निगमा, काग्यू, गैलपो संप्रदायों के बौद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया।
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सहस्त्रधारा मार्ग स्थित डिकलिंग तिब्बती सेटलमेंट के सामुदायिक भवन में छह फुट का केक काटा गया। वेलफेयर अधिकारी नारबू ने केक काटा। इस दौरान उनकी सैलून मर्सीटीज बेंज कार भी दिखाई गई। जो उन्होंने 1964-1982 तक इस्तेमाल की थी। अब इसके म्यूजियम में रखा गया है। बच्चे इसे देखकर खूब खुश हुए।
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शहर के बौद्ध बाहुल्य इलाकों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही और लोगों ने जमकर दावत उड़ाई। उनके जन्मदिन को नए साल ‘लोसर’ से भी अधिक उत्साह के साथ मनाया गया।
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बृहस्पतिवार को सुबह से ही बौद्ध पद्धति से तरह-तरह के धार्मिक आयोजन हुए। श्रद्धालुओं एवं अनुयायियों ने घरों में भी उनके चित्र के समक्ष पूजन किया। इसके बाद दावतों का दौर शुरू हुआ। डिकलिंग सेटलमेंट में आयोजित सामूहिक भोज में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।
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सेटलमेंट प्रमुख चिमाई शीरिंग, सांगमान ने बताया कि रात्रि में भी सांस्कृतिक आयोजन हुए। सहस्त्रधारा मार्ग स्थित काग्यू बौद्ध मंदिर में विशेष पूजन हुआ। वरिष्ठ लामा ताशी सैंफल, खेपौ रांगडौल, खैमो सैरप समेत अन्य लोगों ने पूजन किया।
सहस्त्राधारा मार्ग में ही छमजो डोलमा, शीरिंग डोलमा, डोरजे फुंसो, कैलसैंग, कुंगो, शीरिंफुंसो, नीतू राणा, महिम आदि ने खास पूजा कर दलाई लामा के जीवन काल में ही तिब्बत की आजादी की कामना की।