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कोरोना से टूटी सासों की डोर: अपनों ने छोड़ा तो पुलिस ने इंसानियत का रिश्ता जोड़ा, लावारिसों का कर रही अंतिम संस्कार, तस्वीरें... 

Sat, 08 May 2021 01:30 AM IST
अलका त्यागी दीपक प्रजापति, अमर उजाला, हरिद्वार
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पुलिस करा रही अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में इंसान की सांसों की डोर के साथ रिश्तों के धागे भी टूट रहे हैं। कोविड मरीजों के भर्ती कराने के बाद परिजन उसकी मौत होने पर शवों को लावारिस छोड़कर जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस उनका अंतिम संस्कार कर क्रिया कर्म करा रही है।

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कोरोना संक्रमण के चलते अस्पतालों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई ऐसे मामले भी हैं, जिनमें कोविड मरीजों को परिजन लावारिस बताकर उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती करा रहे हैं। ऐसे में मौत हो जाने के बाद शव लेेने भी नहीं आ रहे हैं।

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मोर्चरी में लगातार बढ़ रही कोविड संक्रमित शवों की संख्या को देखते हुए नगर कोतवाली पुलिस ने उनके अंतिम संस्कार का जिम्मा उठाया है। नगर कोतवाली पुलिस ने मोर्चरी में रखे पांच शवों को एसडीआरएफ की टीम के मिलकर कनखल स्थित श्मशान घाट में ले जाकर अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने पहले तो इन शवों की शिनाख्त कराने की कोशिश की। मगर जब सफलता नहीं मिली तो संक्रमण न फैले, इसलिए शवों का अंतिम संस्कार कराया। 
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पुलिस करा रही अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
वहीं, कोविड काल में परंपराएं भी टूट रही हैं। मौत के बाद अंतिम संस्कार से पहले शव को नहलाने की परंपरा हो या फिर पुत्र का ही मुखाग्नि देना, कोविड काल में सब बदल गया है।
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पुलिस करा रही अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
परिजन अपनों के अंतिम संस्कार में सिर्फ खानापूर्ति तक ही सीमित रह गए हैं। अस्पताल से सीधे श्मशान ले जाकर शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। वहीं, बेटियां, रिश्तेदार और दूसरे भी मुखाग्नि दे रहे हैं।

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पुलिस करा रही अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
उधर, पुलिसकर्मी जान जोखिम में डालकर अपना फर्ज निभा रहे हैं। अंतिम संस्कार के दौरान वह पीपीई किट पहनने के साथ ही दस्ताने, मास्क, फेस शील्ड पहनकर जा रहे हैं। 
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पुलिस करा रही अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
मोर्चरी में लावारिस शवों की संख्या बढ़ती जा रही है। शवों की पहचान कराने का भी प्रयास किया गया था। मगर किसी की भी पहचान नहीं हो सकी। 72 घंटे से ज्यादा मोर्चरी में रखे शवों का अंतिम संस्कार कराया गया है ताकि इनसे संक्रमण न फैले। 
-डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसएसपी, हरिद्वार
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