उत्तराखंड के पौड़ी जिले के योगी आदित्यनाथ आज यूपी के मुख्मंत्री हैं। वहां आज वे हर किसी के दिल पर राज कर रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में रहने वाले उनके पिता आज क्या काम कर रहे हैं।
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तो चलिए हम आपको बताते हैं उनके पिता के बारे में। सीएम योगी जितने साधारण हैं उतने ही साधारण उनके पिता भी हैं। भले ही उनका बेटा सीएम बन गया लेकिन उन्हें आज भी अपने गांव से बेहद लगाव है।
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सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद योगी के परिजनों ने अपना पैतृक गांव नहीं छोड़ा। रेंज अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त योगी के 80 वर्षीय पिता आनंद सिंह बिष्ट अपने पूरे परिवार के साथ गांव में ही रहते हैं।
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योगी के यूपी के सीएम बनते ही यमकेश्वर विकासखंड का पंचूर गांव भी वीआईपी गांवों में शुमार हो गया है। यमकेश्वर के बिथ्याणी में योगी के परिजन गोरखपुर गोरक्षापीठ ट्रस्ट द्वारा खोले गए गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय को संचालित कर रहे हैं।
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पिता आनंद सिंह बिष्ट और मां सावित्री देवी कहते हैं कि उन्हें क्या पता था कि उनका बेटा एक दिन यूपी जैसे बड़े प्रांत में मुख्यमंत्री का दायित्व संभालेगा। लेकिन हम यहां गांव में रहकर ही उसके बनाए गए कॉलेज को चलाकर खुश हैं।
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यहां तक कि वे रोज मर्रा की जिंदगी के लिए छोटी मोटी खेती भी करते हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिवार को उत्तराखंड सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी है। माता-पिता को गांव से बाहर जाने के लिए दो सुरक्षा गार्ड भी मुहैया करवाए गए हैं।
उनका कहना है कि कभी उन्हें सुरक्षा की आवश्यकता महसूस नहीं हुई, लेकिन सरकार की ओर से की गई व्यवस्था को वे स्वीकार करते हैं। कहा कि बेटे के कारण ही परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है।