सुब्रह्मण्यम स्वामी
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सूत्रों के मुताबिक, हिंदुत्व की राजनीति करने वाली भाजपा के लिए चुनाव से ठीक पहले पंडा, पुरोहित और साधु संत समाज की नाराजगी चिंता की वजह मानी जा रही थी। सियासी जानकारों के मुताबिक, उत्तरकाशी, चमोली जिले की आठ विधानसभा सीटों पर तीर्थ पुरोहितों के आंदोलन का प्रभाव था। उधर, पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम के विरोध में मोर्चा खोल दिया था।